नई दिल्ली, भारत – देश के प्रमुख राजमार्गों पर सफर करते समय यात्रियों को आराम और विश्राम के लिए उचित सुविधाओं की कमी एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधीन आते हुए भी कई हाईवे पर वे जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं, जिससे यात्रियों को टोल प्लाजा, पेट्रोल पंपों और छोटे दुकान-ठेलों के बीच कहीं आराम करने की जगह नहीं मिलती।
विशेषज्ञों और यात्रियों के मुताबिक, हाईवे यातायात में वृद्धि के बावजूद, टूरिस्ट प्लाज़ा, आरामगाह, साफ-साफ शौचालय और भोजन की उचित व्यवस्थाएं अभी भी अधूरी या बिल्कुल अनुपलब्ध हैं। इसके चलते थके हुए ड्राइवरों और परिवारों को अपनी यात्रा के दौरान उचित आराम नहीं मिल पाता, जो लंबी यात्राओं को जोखिमपूर्ण और असुविधाजनक बना देता है।
एनएचएआई की रिपोर्ट में भी यह बताया गया है कि लगभग 40% राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों के लिए विश्राम और भोजन की मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। खासतौर पर ग्रामीण और कम विकसित क्षेत्रों में ये सुविधाएं बेहद कम हैं, जिससे यात्रियों को थोड़े-थोड़े अंतराल पर अपने वाहन रोक कर वैकल्पिक उपाए तलाशने पड़ते हैं।
यात्री संगठन और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन्स ने सरकार से अनुरोध किया है कि राजमार्गों पर वेदनों की सुविधा के साथ-साथ स्वच्छ शौचालय, आरामगाह, पर्याप्त सुरक्षा और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधाएं तेजी से विकसित की जाएं। ऐसा होने पर यात्रा का अनुभव न केवल सुरक्षित बल्कि सुखद भी हो सकेगा।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यात्रियों की सुविधा के अलावा यह भी जरूरी है कि उच्च गुणवत्ता वाली वेदनाएं ड्राइवरों को थकान से बचाएं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संभावना कम हो। उन्होंने कहा कि आधुनिक वाहनों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय राजमार्गों का आधुनिकीकरण करना अब समय की आवश्यकता है।
सरकारी स्तर पर फिलहाल कई योजनाएं चल रही हैं, मगर कार्यान्वयन की धीमी गति और बजट की कमी के कारण उनका प्रभाव सीमित रहा है। यात्रियों का कहना है कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और टूलों की व्यवस्था के साथ-साथ स्वयंसेवी संगठनों और स्थानीय प्रशासन को भी इस दिशा में कदम उठाने चाहिए।
इस समस्या का समाधान न केवल यात्रियों के लिए बल्कि राष्ट्रीय आर्थिक विकास के लिए भी आवश्यक है, क्योंकि सुचारु और सुविधाजनक परिवहन व्यवस्था औद्योगिक प्रगति और पर्यटन को बढ़ावा देती है।
अतः उच्च गुणवत्ता वाले हाईवे सुविधाओं का विकास राष्ट्रीय प्राथमिकता बननी चाहिए ताकि भारतीय सड़क यात्रा अनुभव को और बेहतर बनाया जा सके।











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