नई दिल्ली, भारत
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12वीं के परिणामों को लेकर आ रही देरी और तकनीकी खामियों की खबरों को सिरे से खारिज किया है। बोर्ड के अधिकारीयों ने जोर देकर कहा है कि On-Screen Marking प्रणाली पूरी तरह से सुचारू रूप से और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार काम कर रही है। परिणाम मई के तीसरे सप्ताह में घोषित किए जाएंगे, जैसा कि पहले भी बताया गया था।
CBSE द्वारा अपनाई गई डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली का उद्देश्य तेज़ और सुगम मूल्यांकन सुनिश्चित करना है। पिछले कई वर्षों के आंकड़े भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि इस सिस्टम के कारण परिणामों की गुणवत्ता और स्थिरता बनी रहती है। बोर्ड ने कहा है कि इस बार भी परीक्षा के औसत परिणाम पिछले वर्षों की भांति ही स्थिर रहेंगे, जिसमें पास प्रतिशत अच्छी रफ्तार से विकसित हुआ है।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह चर्चा रही थी कि तकनीकी खामियों के कारण परिणाम घोषित करने में विलंब हो सकता है, लेकिन अधिकारियों ने इन अफवाहों को गलत ठहराया है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित है, जो छात्रों और अभिभावकों को छूट और संशय से बचाती है।
इस बार के परिणामों में भी बोर्ड ने छात्रों के हित को सर्वोपरि रखते हुए हस्तक्षेप कम से कम रखा है ताकि निष्पक्ष और सही परिणाम सामने आएं। छात्र परीक्षाओं के पश्चात लगी इस प्रतीक्षा अवधि के दौरान धैर्य बनाए रखें। जैसे ही परिणाम घोषित होंगे, बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट और संबंधित एजेंसियां इसकी जानकारी जारी करेंगी।
अंत में, CBSE ने दोहराया कि छात्रों को अफवाहों और गलत जानकारियों से प्रभावित न होना चाहिए और केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही सूचना ग्रहण करनी चाहिए। बोर्ड का उद्देश्य हर कदम पर छात्रों की आसान सुविधा और सुविधाजनक सेवा उपलब्ध कराना है।











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