प्रिंसटन, न्यू जर्सी – प्रिंसटन विश्वविद्यालय की कक्षा 2028 में कंप्यूटर साइंस मेजरों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली है, जो कि राष्ट्रीय स्तर पर एआई तकनीक के बढ़ते प्रभाव और नौकरी की अनिश्चितता के कारण उत्पन्न व्याप्त चिंता का प्रतीक है। इस प्रवृत्ति ने अकादमिक विशेषज्ञों और नौकरी बाजार के विश्लेषकों के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है।
छात्रों का रुझान अब पारंपरिक कंप्यूटर साइंस के बजाय इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर इंजीनियरिंग जैसे इंजीनियरिंग विभागों की ओर बढ़ रहा है। इसके साथ ही गणित जैसे विषय भी लोकप्रिय हो रहे हैं, जो छात्रों को बेहतर और स्थिर करियर विकल्प प्रदान करते हैं। साथ ही, अर्थशास्त्र को भी छात्रों की पहली पसंद के रूप में देखा जा रहा है, वहीं सार्वजनिक मामलों और आणविक जीवविज्ञान विभागों में भी बढ़ोतरी देखी गई है।
प्रिंसटन विश्वविद्यालय के एक शिक्षाशास्त्री ने बताया कि छात्रों में वर्तमान में नौकरी की अस्थिरता को लेकर व्यापक चिंता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहाँ कृत्रिम बुद्धिमत्ता का बढ़ता प्रभाव रोजगार के अवसरों को प्रभावित कर रहा है। इसी वजह से छात्र ऐसे विषय चुन रहे हैं जो व्यापक करियर संभावनाओं के साथ स्थिरता प्रदान करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि कंप्यूटर साइंस में गिरावट का एक बड़ा कारण तकनीकी क्षेत्रों में तेजी से हो रहे बदलाव और ऑटोमेशन है, जिससे पारंपरिक कोडिंग नौकरियों के बजाय नए और विशिष्ट कौशल की मांग बढ़ रही है। परिणामस्वरूप, छात्र ऐसे विषयों की ओर आकर्षित हो रहे हैं जिनमें अधिक विविध करियर विकल्प उपलब्ध हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन भी इस बदलाव को पहचान रहा है और छात्रों के लिए करियर मार्गदर्शन तथा कौशल विकास के नए कार्यक्रम प्रारंभ कर रहा है ताकि वे तेजी से बदल रही तकनीकी दुनिया में प्रतिस्पर्धी बने रहें।
राष्ट्रीय स्तर पर यह प्रवृत्ति चिंताजनक है क्योंकि कंप्यूटर साइंस और तकनीकी क्षेत्र देश की आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसलिए, शिक्षाविद् और नीति निर्माताओं को मिलकर ऐसी रणनीतियाँ बनानी होंगी जो छात्रों को इस क्षेत्र में आकर्षित करें और नौकरी की असुरक्षा की भावना को कम करें।
इस बदलाव के बीच, प्रिंसटन विश्वविद्यालय की कक्षा 2028 की यह स्थिति तकनीकी शिक्षा और रोजगार बाजार के बीच बदलते संबन्धों पर महत्वपूर्ण संकेत देती है, जो आने वाले वर्षों में उच्च शिक्षा नीति और उद्योग रणनीतियों को प्रभावित कर सकती है।











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