फरीदाबाद (धर्मराज)जिले में बिना पंजीकरण और तय सरकारी मानकों के खिलाफ संचालित हो रहे प्ले स्कूलों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नियमों की अनदेखी को गंभीर मानते हुए सेक्टर-22, सेक्टर-23 और सेक्टर-55 क्षेत्रों में व्यापक कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच और विभागीय रिकॉर्ड के आधार पर जिन प्ले स्कूलों के नाम जांच सूची में शामिल बताए जा रहे हैं, उनमें किड्स पैराडाइज़ प्ले स्कूल (सेक्टर-22), लिटिल स्टार्स प्ले स्कूल (सेक्टर-23), मॉम टू मॉम प्ले स्कूल (सेक्टर-23), एंजल किड्स प्ले वे (सेक्टर-55), ब्राइट फ्यूचर प्ले स्कूल और हैप्पी चाइल्ड केयर सेंटर शामिल हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि कई प्ले स्कूलों में न तो स्टाफ का पुलिस सत्यापन कराया गया है और न ही बच्चों को दिए जाने वाले भोजन के लिए एफएसएसएआई (खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) का लाइसेंस लिया गया है। इससे बच्चों की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी सेहत पर भी गंभीर खतरा बना रहता है। सूत्रों के मुताबिक, बिना पृष्ठभूमि जांच के कर्मचारियों की तैनाती बाल सुरक्षा नियमों का सीधा उल्लंघन है, जबकि बिना एफएसएसएआई लाइसेंस भोजन वितरण से फूड प्वाइजनिंग और संक्रमण जैसी आशंकाएं बनी रहती हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि जिन प्ले स्कूलों ने नोटिस के बावजूद पंजीकरण, पुलिस सत्यापन और खाद्य सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं किया, उनके खिलाफ सीलिंग, मान्यता रद्द करने और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ पुलिस मामला भी दर्ज किया जा सकता है। अधिकारियों ने दो टूक कहा है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह अभियान पूरे फरीदाबाद जिले में नियमों के खिलाफ चल रहे सभी प्ले स्कूलों पर लागू होगा। प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों का दाखिला केवल पंजीकृत और मान्यता प्राप्त प्ले स्कूलों में ही कराएं तथा किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।
पॉक्सो ट्रेनिंग अनिवार्य: नियम तोड़ने वाले प्ले स्कूलों पर फरीदाबाद प्रशासन की सख्ती :-
जांच में यह भी उजागर हुआ है कि अधिकांश प्ले स्कूलों में पॉक्सो एक्ट (बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम) से संबंधित अनिवार्य प्रशिक्षण स्टाफ को नहीं दिया गया है, जबकि बच्चों के साथ कार्य करने वाले प्रत्येक शिक्षक और कर्मचारी के लिए यह प्रशिक्षण बेहद जरूरी माना जाता है। अधिकारियों के अनुसार, पॉक्सो एक्ट की जानकारी और ट्रेनिंग के बिना बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन प्ले स्कूलों ने नोटिस के बावजूद पंजीकरण, पुलिस सत्यापन, एफएसएसएआई लाइसेंस और पॉक्सो एक्ट की अनिवार्य ट्रेनिंग जैसे मानकों को पूरा नहीं किया, उनके खिलाफ सीलिंग, मान्यता रद्द करने और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ पुलिस मामला भी दर्ज किया जा सकता है।








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