नई दिल्ली, भारत – हाल ही में बढ़ती महंगाई और वैश्विक अस्थिरता के चलते कई छुट्टियों की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। एक नागरिक ने बताया कि उसने बढ़ती कीमतों और अनिश्चितता की वजह से अपनी स्पेन यात्रा रद्द कर दी है।
इस वर्ष ईरान और उसके आसपास के क्षेत्र में चल रही तनाव की स्थिति ने वैश्विक पर्यटन पर गहरा प्रभाव डाला है। ऐसे में कई लोग अपनी छुट्टियां विदेश के बजाए घरेलू स्थानों पर बिताना पसंद कर रहे हैं। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि आर्थिक दबाव के कारण लोग अब अधिक सावधानी से अपने यात्रा खर्चों का निर्णय ले रहे हैं।
देश में पिछले कुछ महीनों में ईंधन और वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि ने आम उपभोक्ताओं के बजट पर भारी प्रभाव डाला है। पर्यटन उद्योग के आंकड़े बताते हैं कि विदेशी यात्रा पर खर्च में गिरावट आई है, वहीं घरेलू पर्यटन को मजबूती मिली है। कई परिवार अब भीतनगर रहकर स्थानीय पर्यटन स्थलों का आनंद ले रहे हैं।
मुंबई के रहने वाले राकेश शर्मा ने कहा, “मैंने स्पेन की यात्रा रद्द कर दी क्योंकि कीमतें इतनी बढ़ गईं कि वह मेरे बजट के बाहर हो गईं। साथ ही, विदेशों में जो सुरक्षा की स्थिति है, वह भी चिंता का विषय है। इसलिए मैंने फैसला किया कि मैं अपनी छुट्टियां भारत में ही बिताऊंगा।”
पर्यटन विशेषज्ञों के मुताबिक, वर्तमान समय में घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देना जरूरी है ताकि आर्थिक तौर पर स्थानीय अर्थव्यवस्था को सहारा मिल सके। वे स्थानीय साहसिक पर्यटन, नैतिक पर्यटन और सांस्कृतिक पर्यटन के विकल्पों पर जोर दे रहे हैं।
सरकार भी घरेलू पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाओं और छूटों की घोषणा कर रही है ताकि आम नागरिक आसानी से और सुरक्षित रूप से यात्रा कर सकें।
विश्लेषकों का कहना है कि यदि वर्तमान वैश्विक तनाव और आर्थिक बढ़ोतरी की स्थिति ऐसे ही बनी रही, तो आने वाले महीनों में भी लोग अपनी विदेश यात्राएं कम कर घरेलू छुट्टियों को प्राथमिकता देंगे। इससे स्थानीय पर्यटन उद्योग को कुछ राहत मिलेगी, हालांकि पूरी तरह से वैश्विक पर्यटन फिर से उबरने में समय लगेगा।
अंत में, बढ़ती कीमतों और अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितता के कारण लोगों का रुख स्थानीय और निकटवर्ती पर्यटन की ओर बढ़ रहा है, जो घरेलू अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।











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