त्रिवेंद्रम, केरल: केरल के स्वास्थ्य मंत्री ने बढ़ती गर्मी के मद्देनजर राज्य में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा विशेष निरीक्षण अभियान तेज किए जाने की जानकारी दी है। इस अभियान में मुख्य रूप से पेयजल स्रोतों, जूस दुकानों और पेय पदार्थों के निर्माण इकाइयों की कड़ी जांच की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की संदूषित सामग्री से लोगों को सुरक्षित रखा जा सके।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य में तापमान की बढ़ोतरी के चलते खाद्य सुरक्षा को लेकर कदम उठाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि बर्फ के संदूषण को लेकर विशेष सावधानी बरती जा रही है क्योंकि गर्मी में बर्फ का उपयोग जूस और ठंडा पानी पर अधिक होता है, जिससे लोगों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी पेयजल स्रोतों की जांच और निगरानी कड़ी कर दी है। जूस की दुकानों पर नियमित निरीक्षण किया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे स्वच्छ और सुरक्षित सामग्री का ही उपयोग कर रहे हैं। इसके अलावा, पेय पदार्थ उत्पादन इकाइयां भी विशेष निगरानी में हैं ताकि किसी तरह के दूषित या कबाड़ सामग्री के उपयोग को रोका जा सके।
विभागीय अधिकारियों ने जनता से भी अपील की है कि वे संदूषित या संदिग्ध बर्फ का उपयोग न करें और ऐसी कोई जानकारी मिलने पर संबंधित अधिकारियों को तुरंत सूचित करें। इसके साथ ही, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह कदम न केवल वर्तमान गर्मी की चुनौतियों के लिए बल्कि भविष्य में खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भी आवश्यक है।
विशेषज्ञों ने भी इस पहल का समर्थन करते हुए कहा है कि गर्मी में संक्रमण के खतरे बढ़ जाते हैं और इससे बचाव के लिए खाद्य सुरक्षा का सख्ती से पालन आवश्यक होता है। खाद्य सुरक्षा विभाग के इस नए अभियान से नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
अधिक जानकारी के लिए विभाग ने एक हेल्पलाइन नंबर और वेबसाइट भी लॉन्च की है, जहाँ जनता अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकती है। केरल सरकार का यह कदम राज्यवासियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है।











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