नई दिल्ली, दिल्ली
NCERT ने हाल ही में एक पोस्ट के माध्यम से स्पष्ट किया है कि स्कूलों में दाखिले के लिए APAAR ID अनिवार्य नहीं है। यह घोषणा उन माता-पिता के बीच व्याप्त भ्रम को दूर करने के उद्देश्य से की गई है, जो सोच रहे थे कि बच्चे के डिजिटल आईडी के बिना स्कूल दाखिला संभव नहीं हो पाएगा।
APAAR ID एक डिजिटल पहचान संख्या है, जो भारत सरकार के शैक्षिक रिकॉर्ड डिजिटलीकरण प्रयास का हिस्सा है। इसका उद्देश्य छात्रों के शैक्षणिक विवरण को संगठित और अधिक सुव्यवस्थित बनाना है। हालांकि इस आईडी की सुविधा है, लेकिन इसे स्कूल में दाखिले के लिए अनिवार्य नहीं बनाया गया है।
NCERT ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी छात्र को APAAR ID न होने के कारण दाखिले से वंचित नहीं किया जा सकता। इस डिजिटल आईडी का इस प्रयोग को केवल सुविधा के तौर पर देखा जाना चाहिए, न कि किसी बाधा के रूप में।
इस सन्दर्भ में अधिकारियों ने माता-पिता और अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे गलत जानकारी या अफवाहों पर विश्वास न करें और यदि शंका हो तो सीधे संबंधित स्कूल या शिक्षा विभाग से संपर्क करें। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार शैक्षिक डेटा को डिजिटलीकरण के जरिए बेहतर तरीके से प्रबंधित कर रही है, ताकि भविष्य में छात्र के अकादमिक रिकॉर्ड उपलब्ध कराना सरल हो जाए।
कई स्कूलों में अभी भी स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों के बीच इस विषय पर कई सवाल और उलझनें हैं। लेकिन NCERT के इस स्पष्ट बयान ने स्थिति को काफी हद तक संजीदा और भरोसेमंद बना दिया है।
कुल मिलाकर, नई नीतियों का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और सरलता लाना है, न कि किसी तरह की बाधा उत्पन्न करना। ऐसे में सभी अभिभावकों को बिना किसी तनाव के, अपने बच्चों के स्कूल दाखिले के लिए आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने चाहिए, जिसमें APAAR ID शामिल नहीं है।











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