जेरूसलम, इज़रायल
प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने सोमवार को कहा कि ट्रंप राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ फोन पर बातचीत के बाद इज़रायल ने ईरान पर हमलों को रोक दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इज़रायल की ‘आग फिलहाल रोक दी गई है’, लेकिन किसी भी परिस्थिति में हमलावर स्थिति में वापस आने के लिए तैयार है।
नेतन्याहू ने कहा, “हम एक शांति प्रक्रिया की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं, लेकिन यह शर्तों पर है कि हमारा सुरक्षा हित पूरा हो। हम किसी भी परिस्थिति में तैयार और सतर्क हैं।”
दूसरी ओर, ईरान ने भी अपने हमलों को फिलहाल रोकने का ऐलान किया है। लेकिन ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी कि वे किसी भी समय लड़ाई दोबारा शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी ने बताया, “हमारे लिए यह रणनीतिक कदम है ताकि वार्ता के लिए जरूरी माहौल बनाया जा सके, लेकिन हमारी तत्परता अपरिवर्तित है।”
ट्रंप ने भी अपनी ओर से दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता को लेकर काफी प्रगति हुई है और इससे क्षेत्र में स्थिरता बढ़ेगी।
विश्लेषकों का मानना है कि यह अस्थायी ठहराव मध्य पूर्वी देशों के बीच वार्ता की संभावना को बढ़ावा दे सकता है। हालांकि, स्थिति नाजुक बनी हुई है और क्षेत्र में किसी भी समय तनाव फिर से भड़क सकता है।
इस घटनाक्रम के बीच, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें इस वार्ता प्रक्रिया पर टिकी हैं। कई देश शांति कायम करने और संकट से निपटने के तरीके खोजने में सक्रिय हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के ठहराव से अगर सही दिशा में वार्ता आगे बढ़ती है तो मध्य पूर्व में लंबे समय से चली आ रही दुश्मनी को शांत किया जा सकता है। लेकिन इसका कोई गारंटी नहीं है कि हिंसा पूरी तरह समाप्त हो जाएगी, क्योंकि दोनों पक्षों की राजनीतिक स्थितियां अभी भी अस्थिर हैं।
न्यूज एजेंसियों और मध्य पूर्व विश्लेषकों ने इस मामले पर लगातार अपडेट जारी किए हैं ताकि आम जनता को ताजा स्थिति के बारे में पूरी जानकारी मिलती रहे।











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