बेरूत, लेबनान – इजरायली सेना ने बताया कि उन्होंने रात भर हिज़्बुल्लाह के साथ गोलीबारी की, जो नई संघर्षविराम के लागू होने के कुछ घंटे बाद हुई। इस मुठभेड़ ने अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को होने वाली शांति वार्ता को प्रभावित किया है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, लेबनान के दक्षिणी क्षेत्र में हिज़्बुल्लाह और इजरायली बलों के बीच संघर्ष फिर से चरम सीमा पर पहुंच गया है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आग खोलने का आरोप लगाया है। इस घटना से क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और स्थानीय जनता में सुरक्षा को लेकर चिंता व्याप्त हो गई है।
हिज़्बुल्लाह समर्थकों ने दावा किया कि इजरायली सेना ने बिना कोई कारण दक्षिणी लेबनान में सैन्य रूप से घुसपैठ की, जिस पर हिज़्बुल्लाह ने जवाबी कार्रवाई की। वहीं, इजरायली रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह एक जवाबी कार्रवाई थी, जो सीमावर्ती क्षेत्र में उनके सैनिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक थी।
यह झड़प इस समय हुई है जब एक नई संघर्षविराम संधि पर रविवार की सुबह अंतिम रूप दिया गया था और इसे लागू किया गया था। हालांकि, इस नई स्थिति के बावजूद सीमा पर तनाव पूर्णतः कम नहीं हुआ है और फिर से आक्रामक गतिविधियां सामने आई हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि लेबनान में इस तरह की घटनाएं अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली शांति वार्ता में बाधक साबित हो सकती हैं। वार्ता का उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा और परमाणु कार्यक्रम सहित अन्य अहम मसलों पर समाधान निकालना है, लेकिन हालिया घटनाओं ने वार्ता की संभावनाओं पर गहरा असर डाला है।
संयुक्त राष्ट्र ने इस संघर्ष की कड़ी निंदा की है और दोनों पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया है। स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा और स्थिरता के लिए क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर प्रयास करने की जरूरत है।
लेबनान के लिए यह संघर्षकाल और भी चुनौतीपूर्ण बन गया है, क्योंकि देश पहले ही आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता और सामाजिक समस्याओं से जूझ रहा है। इस समय शांति कायम रखने और वार्ता के जरिये समाधान निकालने की दिशा में सार्थक कदम उठाने की सख्त जरूरत है।











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