कोलकाता, पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रदेश में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए चौथी बार सत्ता में लौटने की अपील करते हुए केंद्र की बीजेपी सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने चुनाव प्रक्रिया में धोखाधड़ी के तरीकों को अपनाया है और राज्य को बांटने की साजिश रची जा रही है।
ममता बनर्जी ने विशेष रूप से चुनाव आयोग पर सवाल उठाए और SIR (Selective Identification and Rectification) प्रक्रिया में कथित असंगतियों को लेकर कड़ी आलोचना की। उनका दावा था कि इस प्रक्रिया को भाजपा के पक्ष में लागू किया जा रहा है जिससे तृणमूल कांग्रेस को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह का पक्षपात लोकतंत्र के लिए खतरा है और यह साफ तौर पर चुनाव प्रणाली की निष्पक्षता पर संदेह पैदा करता है।
उन्होंने बीजेपी पर राज्य के सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने को तोड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे बंगाल के लोगों को बांटना चाहते हैं ताकि उनका राजनीतिक प्रभुत्व कायम रहे। ममता ने जनता से अपील की कि वे इस ‘बंगला-बिरोधी ज़मींदारों’ के खिलाफ एकजुट हों और तृणमूल कांग्रेस को सत्ता में वापस लाने में मदद करें।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ममता बनर्जी की इस टिप्पणी का मकसद आगामी विधानसभा चुनावों में अपनी पार्टी के लिए समर्थन बढ़ाना है, जबकि भाजपा को कमजोर दिखाना है। पश्चिम बंगाल में दोनों पार्टियों के बीच तीव्र राजनीतिक टकराव जारी है और यह बयान इस टकराव को और अधिक तीखा कर सकता है।
स्थानीय जनता के बीच भी इन आरोप-प्रत्यारोपों को लेकर चर्चा ने जोर पकड़ लिया है। चुनाव आयोग को लेकर ममता बनर्जी की चेतावनी को कुछ वर्ग गंभीरता से ले रहे हैं, जबकि अन्य इसे चुनावी रणनीति का हिस्सा मानते हैं।











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