नई दिल्ली, भारत – राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 9 के नए पाठ्यपुस्तकों की आपूर्ति में आई कमी को दूर करने के लिए प्रिंटिंग प्रक्रिया को तीव्र कर दिया है। ये पाठ्यपुस्तकें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप तैयार की गई हैं, जिनकी मांग में अचानक वृद्धि देखी गई है।
NCERT के अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल संस्करण विद्यार्थियों के लिए मुफ्त में उपलब्ध हैं, जो खासकर उन छात्रों के लिए राहत का विषय है जिनके पास भौतिक किताबें प्राप्त करने में असुविधा हो रही है। इसके साथ ही, परिषद ने पाठ्यपुस्तकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वितरण के कई माध्यम अपनाए हैं। इनमें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किताबें उपलब्ध कराना और सीधे स्कूलों को पुस्तकें पहुँचाना शामिल है।
विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए विशेष रूप से ये कदम महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि नया शिक्षण सत्र पहले जारी पाठ्यक्रमों के बजाय NEP 2020 के तहत सुधारित सामग्री पर आधारित होगा। NCERT का उद्देश्य है कि सभी छात्र बिना किसी रुकावट के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें और उन्हें गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री प्रदान की जाए।
डिजिटल किताबों की उपलब्धता ने इस संकट की स्थिति में एक अहम भूमिका निभाई है। NCERT की वेबसाइट के साथ-साथ विभिन्न ई-लर्निंग पोर्टलों पर भी ये ई-बुक्स निशुल्क उपलब्ध हैं, ताकि दूरी या किसी अन्य कारण से स्कूल न जा सकने वाले छात्र भी अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। इसके अलावा, कई राज्य शिक्षा बोर्डों ने भी इन डिजिटल संसाधनों को अपने छात्रों तक पहुंचाने के लिए सहयोग किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि NEP 2020 के अनुरूप शिक्षण सामग्री को व्यापक स्तर पर वितरित करना भारत की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। NCERT के प्रयासों से न केवल पाठ्यपुस्तकों की कमी दूर होगी, बल्कि डिजिटल शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे सभी क्षेत्रीय और आर्थिक वर्ग के छात्रों को बराबरी का अवसर मिलेगा।
इस अवसर पर NCERT ने सभी अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की है कि वे अपने विद्यार्थियों को डिजिटल संसाधनों का उपयोग करने के लिए प्रेरित करें और आवश्यक हो तो उनसे पाठ्यपुस्तकों के वितरण के संबंध में संबंधित विद्यालयों से संपर्क करें।











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