Monday, October 26, 2026 1 live visitors
D/DNA News D/DNA Newsddnanews.com
सोमवार, 26 अक्टूबर 2026
विज्ञापन
DDNA header banner
DDNA header banner
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना में कमी की आलोचना

प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना में कमी की आलोचना

D
D/DNA News Desk 4 मई 2026, 14:15 IST
1 मिनट पढ़ें
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना में कमी की आलोचना

नई दिल्ली, भारत – प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना को लेकर हाल ही में जांच में यह सामने आया है कि योजना अपनी मूल उद्देश्य को पूर्ण रूप से पूरा करने में असफल रही है। यह योजना छात्रों को सरकार के विभिन्न विभागों में इंटर्नशिप का अवसर प्रदान करती है ताकि वे प्रशासन का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकें। हालांकि, कई युवा और विशेषज्ञ योजना की कार्यप्रणाली और प्रभावशीलता पर सवाल उठा रहे हैं।

प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना की शुरुआत छात्रों को शासन व्यवस्था की समझ बढ़ाने और राजनीतिक व्यवस्था में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के मकसद से की गई थी। योजना के तहत आने वाले छात्रों को विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और अधिकारियों के साथ काम करने का मौका मिलता है। इस दौरान उन्हें वास्तविक सरकारी परियोजनाओं की डिटेल्स पर काम करने और अनुभव हासिल करने का मौका मिलता है।

लेकिन योजना के कुछ प्रमुख पहलुओं में खामियां उजागर हुई हैं। सबसे पहली समस्या यह है कि योजना के तहत मिले स्थानों की संख्या बहुत सीमित है, जिसका मतलब है कि हर इच्छुक और योग्य छात्र को मौका नहीं मिल पाता। इसके अलावा, कई छात्रों ने शिकायत की है कि इंटर्नशिप के दौरान उन्हें अपेक्षित मार्गदर्शन और संसाधन नहीं मिले जिससे उनकी शिक्षा में कोई वास्तविक सुधार नहीं हुआ।

विशेषज्ञों का मानना है कि योजना का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए बेहतर नियोजन और निगरानी की आवश्यकता है। इसके अलावा, इंटर्नशिप के दौरान विद्यार्थियों को व्यावहारिक कार्य सौंपना और उनके प्रदर्शन का आकलन करना भी अनिवार्य होना चाहिए ताकि वे अपने कौशल का विकास कर सकें। फिलहाल, योजना को लेकर सरकार की ओर से कोई ठोस सुधारात्मक कदम नजर नहीं आ रहे हैं, जिससे छात्रों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

आगे चलकर यदि इस योजना को कारगर बनाना है तो इसे एक व्यापक और समन्वित संरचना के तहत पुनः स्थापित करना जरूरी होगा, जिससे हर योग्य छात्र को अपनी प्रतिभा दिखाने और देश के विकास में योगदान देने का मौका मिल सके। वित्तीय संसाधनों का सही इस्तेमाल, इंटर्नशिप के दौरान मिली शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों की संतुष्टि इस योजना की सफलता के प्रमुख मापदंड होंगे।

सरकार को चाहिए कि वह योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ाए और समय-समय पर योजना की समीक्षा करके उसमें सुधार लाने का प्रयास करे। इसी से प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना का उद्देश्य पूरा हो सकेगा और युवाओं को प्रशासनिक क्षेत्र में बेहतर अनुभव प्राप्त होगा।

Source

यह खबर शेयर करें

टिप्पणियाँ

इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।

संबंधित खबरें

--:--
ईरान युद्ध अपडेट: ट्रम्प ने ईरान हमलों को तेज करने पर कैबिनेट के साथ की बैठकJENPAS UG परिणाम 2026 घोषित, wbjeeb.nic.in पर उपलब्ध; Rank Card डाउनलोड करें, काउंसलिंग शेड्यूल जल्द घोषित होगाबर्मिंघम फीनिक्स ने एडगबास्टन में ट्रेंट रॉकेट्स को पछाड़ाजेम्स ज़ी ने अपने बेटे होने का दावा करने वाले व्यक्ति की गॉडमदर से $119,000 वापस लेने की कोशिश कीअमेरिका ने व्यापार भागीदारों पर नई टैरिफ लहर लागू कीऑस्मानिया विश्वविद्यालय ने मई 2026 के यूजी CBCS नियमित और बैकलॉग परीक्षाओं के परिणाम घोषित किए; यहां से डाउनलोड करेंसीए प्रमुख ग्रीनबर्ग भारत में इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट को लेकर ‘खुले’‘जन नायक’ ने बॉक्स ऑफिस पर किया जोरदार आगाज