नई दिल्ली, भारत – देश में राजमार्गों पर यात्रा करने वालों के लिए एक बड़ी समस्या यह है कि रेस्ट करने और आराम करने के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। जहाँ राजमार्ग यातायात की रफ्तार को बढ़ाने और दूर दराज के इलाकों को आपस में जोड़ने का काम करते हैं, वहीं यात्रियों की सुविधाओं की कमी इस पूरे तंत्र की एक बड़ी कमजोरी के रूप में सामने आई है।
राजमार्गों के किनारे आमतौर पर केवल पेट्रोल पंप, छोटे स्टॉल्स और कुछ बारातें होती हैं, लेकिन लंबी ड्राइव के बीच में आराम करने और भोजन के लिए उपयुक्त जगहों की संख्या न के बराबर है। यह यात्रियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए खतरा भी बन सकता है, क्योंकि ड्राइवरों को पर्याप्त आराम नहीं मिलता और वे थके हुए वाहन चलाने को मजबूर हो जाते हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की रिपोर्ट में भी उल्लेख है कि राजमार्गों पर विशेष रूप से यात्रियों के लिए विकसित किए गए ‘वेसाइड एमिनिटीज’ यानी सुविधा केंद्रों की संख्या काफी कम है। कई मामलों में, जो सुविधाएं मौजूद हैं वे भी खराब रखरखाव और सफाई की कमी से प्रभावित हैं। यात्रियों का कहना है कि उच्च गुणवत्ता वाले शौचालय, आराम करने के लिए साफ-सुथरे स्थान, भोजनालय और पार्किंग की सुविधाएं अभी भी बहुत सीमित हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि राजमार्गों पर यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए सरकार को इन एमिनिटीज पर विशेष ध्यान देना चाहिए। न केवल इससे यातायात की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देने का अवसर प्रदान करेगा। एहतियात के तौर पर भी, ड्राइवरों को पर्याप्त आराम स्थान मिलने से सड़क दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सकेगा।
एनएचएआई ने कुछ योजनाओं की घोषणा की है जिनमें हाई क्वालिटी आराम स्थल, भोजनालय और विश्राम कक्ष स्थापित करना शामिल है। हालांकि, इन योजनाओं का व्यापक कार्यान्वयन अभी बाकी है। जरूरत इस बात की है कि केंद्र और राज्य सरकारें साथ मिलकर जल्द से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान निकालें।
यात्रियों के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना आवश्यक है ताकि वे सुरक्षित और आरामदायक यात्रा कर सकें। राजमार्ग हमारे देश की ग्रोथ की रीढ़ हैं, और इनके विकास में यात्रियों की सहजता और सुविधा को प्राथमिकता देना अनिवार्य होगा।











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