रूस-यूक्रेन युद्ध में भारतीय नागरिकों के शामिल होने को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विस्तृत जानकारी दी है। सरकार ने बताया कि रूस विदेशी नागरिकों को आकर्षक पैकेज देकर अपनी सेना में भर्ती कर रहा है।
सरकार के अनुसार भर्ती होने वालों को डॉलर में वेतन, बोनस, नागरिकता और सामाजिक सुरक्षा जैसी सुविधाएं देने का वादा किया गया था। कई भारतीय नागरिक आर्थिक लाभ के कारण सेना में शामिल हुए।
अदालत को बताया गया कि कुछ भारतीय छात्र जेल से राहत पाने के लिए भी सेना में भर्ती हुए। सरकार ने कहा कि भारत लगातार ऐसे नागरिकों को वापस लाने और उनके परिवारों की मदद के लिए प्रयास कर रहा है।
केंद्र ने बताया कि कई भारतीयों की मौत हो चुकी है जबकि कुछ अभी भी लापता हैं। युद्ध क्षेत्र में हालात कठिन होने के कारण शवों की बरामदगी भी चुनौती बनी हुई है।
सरकार ने कहा कि रूस के साथ लगातार बातचीत जारी है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद दी जा रही है।











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