वडाकरा, केरल – वडाकरा के सांसद शफी परांबिल ने हाल ही में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केरल के मतदाताओं ने स्पष्ट रूप से ‘‘सरकार परिवर्तन’’ के लिए मतदान किया है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में सत्तारूढ़ सीपीआई(एम) इस लोकप्रिय फैसले को केवल जाति, धर्म या किसी विशेष समुदाय के वोटों का समूह मानकर इसे सीमित नहीं कर पाएगी।
शफी परांबिल ने जोर देकर कहा कि यह चुनाव परिणाम व्यापक जनता के मतों की एकजुटता को दर्शाता है और इससे यह स्पष्ट होता है कि केरल के लोग बदलाव के लिए एकजुट हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मतदाता ने अपना वोट सिर्फ किन्हीं खास वर्गों के हित में नहीं दिया, बल्कि सभी वर्गों और समुदायों के लोगों ने मिलकर सरकार में बदलाव की मांग की है। यह एक महत्वपूर्ण संदेश है जो राजनीतिक दलों को समझना होगा।’’
उन्होंने यह भी बताया कि चुनाव में मिले मतों के आंकड़े इस बात के प्रति इशारा करते हैं कि वोटर केवल संवेदनशील समुदायों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हर क्षेत्र एवं वर्ग से लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। उन्होंने कहा, ‘‘यह एक जनमत की सर्वसमावेशी आवाज है, जिसके साथ राजनीतिक हलकों को गंभीरता से लेना चाहिए।’’
वडाकरा सांसद ने आगे कहा कि सीपीआई(एम) को इस व्यापक मतदाता निर्णय को केवल संकीर्ण राजनीतिक हितों के नजरिए से नहीं देखना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनका नजरिया केवल जातिगत या धार्मिक आधार पर इस वोट को देखेगा, तो वह भविष्य में राजनीतिक समझ और सहयोग को प्रभावित कर सकता है।
नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव के परिणामों की चर्चा में शफी परांबिल ने इस बात को भी रेखांकित किया कि चुनाव प्रचार के दौरान विभिन्न दलों ने जनता की उम्मीदों और जरूरतों को प्राथमिकता दी है, और मतदाताओं ने इसका जवाब जनादेश के रूप में दिया है। उन्होंने कहा कि यह जनादेश मतदाताओं की समझदारी और जागरूकता का प्रमाण है, जो किसी भी राजनीतिक दल के लिए सकारात्मक संकेत माना जाना चाहिए।
इस बीच, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केरल का यह चुनाव परिणाम राज्य में विकास, सामाजिक न्याय और बेहतर शासन की दिशा में जनता की आस को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है कि सभी दल इस संदेश को समझें और आगे बढ़कर राज्य के हित में काम करें।
शफी परांबिल ने अंत में कहा कि वह वादे के साथ इस जनादेश का सम्मान करेंगे और समाज के हर वर्ग के लिए समान अवसर और न्याय सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से भी अपील की कि वे इस बदलाव की भावना को समझें और संभावित मतभेद से ऊपर उठकर केरल के विकास में योगदान दें।











टिप्पणियाँ
इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।