Monday, October 26, 2026 1 live visitors
D/DNA News D/DNA Newsddnanews.com
सोमवार, 26 अक्टूबर 2026
विज्ञापन
DDNA header banner
DDNA header banner
ट्रंप ने यूरोपीय देशों पर टेक टैक्स को लेकर 100% शुल्क लगाने की धमकी दी

ट्रंप ने यूरोपीय देशों पर टेक टैक्स को लेकर 100% शुल्क लगाने की धमकी दी

D
D/DNA News Desk 27 जून 2026, 11:36 IST
1 मिनट पढ़ें
ट्रंप ने यूरोपीय देशों पर टेक टैक्स को लेकर 100% शुल्क लगाने की धमकी दी

वाशिंगटन, संयुक्त राज्य अमेरिका – अमेरिकी राष्ट्रपति ने हाल ही में ‘‘कई यूरोपीय देशों’’ द्वारा टेक्नोलॉजी कंपनियों पर एक नया कर लगाने की योजना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। राष्ट्रपति ने चेतावनी दी है कि अगर यह कर लागू किया गया, तो अमेरिका यूरोपीय देशों के उत्पादों और सेवाओं पर 100 प्रतिशत तक का टैरिफ (शुल्क) लगाने से पीछे नहीं हटेगा।

यह विवाद मुख्य रूप से उन टेक कंपनियों पर केंद्रित है जो अमेरिका में स्थापित हैं, लेकिन जिनकी सेवाएं और उत्पाद यूरोप में लोकप्रिय हैं। कुछ यूरोपीय देश ऐसे कर नियमों पर चर्चा कर रहे हैं, जिससे तकनीकी कंपनियों को उनकी यहां की कमाई के आधार पर अतिरिक्त टैक्स देना पड़े। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कदम अमेरिकी व्यवसायों के लिए अनुचित और प्रतिकूल होगा।

प्रेस वार्ता में राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा, “यह स्पष्ट है कि अगर यूरोप इस तरह के टैक्स को लागू करता है, तो हम जवाबी कार्रवाई करेंगे और अमेरिकी अर्थव्यवस्था तथा अपने माल पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाना शुरू करेंगे।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसे कदम से दोनों पक्षों के आर्थिक संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति अमेरिका-यूरोप के बीच बढ़ते तनाव का संकेत है, जो खासकर व्यापार और डिजिटल क्षेत्रों में हो रहा है। यूरोप के कई देश यह तर्क देते हैं कि वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में नए कर नियम बनाना जरूरी है ताकि वे बड़ी टेक कंपनियों से उचित राजस्व प्राप्त कर सकें, जो अभी तक कर भुगतान से बच रही हैं।

अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने भी चिंता व्यक्त की है कि यह नई कर नीति न केवल अमेरिकी कंपनियों के लिए अतिरिक्त बोझ पैदा करेगी, बल्कि इससे वैश्विक व्यापार व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। वहीं यूरोपीय आयोग ने कहा है कि उनका उद्देश्य न्यायसंगत टैक्स प्रणाली लागू करना है, जिससे डिजिटल क्षेत्र में निष्पक्षता बनी रहे।

इस बीच, ट्रेड विशेषज्ञ इस विवाद को लंबे समय तक चलने वाला मान रहे हैं और कह रहे हैं कि दोनों पक्षों को संवाद और मध्यस्थता से समाधान निकालना होगा। व्यापार विश्लेषकों का भी मानना है कि बढ़े हुए टैरिफ से उपभोक्ताओं पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जिससे अंततः वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएँ प्रभावित होंगी।

अमेरिका और यूरोप के बीच यह टेक टैक्स विवाद वैश्विक अर्थव्यवस्था में नए तनाव के संकेत स्वरूप है, और इसके परिणाम विश्व बाजार में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकते हैं। दोनों पक्षों से उम्मीद की जा रही है कि वे जल्द से जल्द इस मुद्दे पर स्पष्ट संवाद स्थापित करें और व्यापारिक संबंधों को संतुलित बनाए रखें।

Source

यह खबर शेयर करें

टिप्पणियाँ

इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।

संबंधित खबरें

--:--
ईरान युद्ध अपडेट: ट्रम्प ने ईरान हमलों को तेज करने पर कैबिनेट के साथ की बैठकJENPAS UG परिणाम 2026 घोषित, wbjeeb.nic.in पर उपलब्ध; Rank Card डाउनलोड करें, काउंसलिंग शेड्यूल जल्द घोषित होगाबर्मिंघम फीनिक्स ने एडगबास्टन में ट्रेंट रॉकेट्स को पछाड़ाजेम्स ज़ी ने अपने बेटे होने का दावा करने वाले व्यक्ति की गॉडमदर से $119,000 वापस लेने की कोशिश कीअमेरिका ने व्यापार भागीदारों पर नई टैरिफ लहर लागू कीऑस्मानिया विश्वविद्यालय ने मई 2026 के यूजी CBCS नियमित और बैकलॉग परीक्षाओं के परिणाम घोषित किए; यहां से डाउनलोड करेंसीए प्रमुख ग्रीनबर्ग भारत में इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट को लेकर ‘खुले’‘जन नायक’ ने बॉक्स ऑफिस पर किया जोरदार आगाज