नई दिल्ली: देश में बेरोजगारी, राजनीतिक नाराजगी और इंटरनेट कल्चर के बीच एक नया डिजिटल ट्रेंड तेजी से उभरा है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम का यह ऑनलाइन व्यंग्य अभियान सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। कुछ ही दिनों में लाखों लोग इससे जुड़ चुके हैं और युवाओं के बीच यह चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।
दरअसल, इस ट्रेंड की शुरुआत सुप्रीम कोर्ट में हुई एक टिप्पणी के बाद हुई। प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने एक सुनवाई के दौरान कथित तौर पर कुछ युवाओं की तुलना कॉकरोच से की थी। इस टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो गया। हालांकि बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया।
इसके बावजूद इंटरनेट मीडिया पर युवाओं ने इस बयान को बेरोजगारी और व्यवस्था से जुड़ी नाराजगी के साथ जोड़कर देखा। इसके बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नाम से एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन आंदोलन शुरू हुआ, जिसने देखते ही देखते बड़ा रूप ले लिया।
इस डिजिटल अभियान की शुरुआत अभिजीत डिपके ने की है। बताया जा रहा है कि वह बोस्टन यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे हैं और पहले आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम के साथ काम कर चुके हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लोगों को पार्टी से जुड़ने के लिए गूगल फॉर्म साझा किया।
पार्टी की सदस्यता के लिए मजाकिया अंदाज में कुछ शर्तें भी रखी गई हैं। इनमें बेरोजगार होना, हमेशा ऑनलाइन रहना और प्रोफेशनल तरीके से शिकायत करने में सक्षम होना शामिल है। हालांकि इसके पीछे युवाओं की नाराजगी और राजनीतिक व्यवस्था पर कटाक्ष साफ दिखाई देता है।
कॉकरोच जनता पार्टी का घोषणा पत्र भी इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें महिलाओं को कैबिनेट में 50 फीसदी आरक्षण देने, दल बदलने वाले नेताओं पर सख्त कार्रवाई करने और न्यायिक सुधारों जैसी मांगों को शामिल किया गया है।
सोशल मीडिया पर इस अभियान को भारी समर्थन मिल रहा है। इंस्टाग्राम पर इसके लाखों फॉलोअर्स हो चुके हैं, जबकि एक्स पर भी इसकी पहुंच तेजी से बढ़ रही है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ एक मीम ट्रेंड नहीं बल्कि युवाओं की मानसिकता और सिस्टम से बढ़ती दूरी का संकेत भी है।











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