चेन्नई, तमिलनाडु – माता-पुत्र की कहानी जो शिक्षा और समर्पण की मिसाल बन गई है। 45 वर्षीय जिगीशा टेलर और उनके 21 वर्ष के पुत्र आदित्य कपाड़िया ने IIT मद्रास से साथ में डिग्री पूरी की, जो न केवल एक अनोखा अनुभव था बल्कि उनके रिश्ते को भी मजबूती देने वाला रहा।
आदित्य ने 2021 में IIT मद्रास के ऑनलाइन बीएस प्रोग्राम में दाखिला लिया था, जिसके बाद उनकी माता जिगीशा ने भी इसे ज्वाइन किया। जिगीशा ने अपनी पढ़ाई के साथ घरेलू जिम्मेदारियों का संतुलन बनाए रखा और लगभग एक दशक लंबी शैक्षिक विराम के बाद शिक्षा के सफर को फिर से शुरू किया।
माँ और पुत्र ने अध्ययन में एक-दूसरे के साथी और प्रतिस्पर्धी बनकर उच्चतम गुणवत्ता प्राप्त करने का लक्ष्य रखा। उनका यह साझा शैक्षिक सफर जीवन के नए आयाम लेकर आया और दोनों के बीच की समझ और प्रेम को गहरा किया।
जिगीशा ने बताया कि शुरुआत में पढ़ाई वापस शुरू कर पाना चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि घर के कामकाज के साथ पढ़ाई करना आसान नहीं था। लेकिन आदित्य के सहयोग और प्रोत्साहन ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। साथ में काम करने से उनकी पढ़ाई में भी मज़ा आया और प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ सहयोग की भावना भी बढ़ी।
दोनों की इस सफलता ने परिवारजन और दोस्तों का मनोबल बढ़ाया है। यह कहानी उन सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो अपने सपनों को समय और उम्र की बाधाओं से परे आगे बढ़ाना चाहते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के ऑनलाइन शिक्षा कार्यक्रम पारिवारिक शिक्षा को एक नया रूप देते हैं, जहां घर के सदस्यों के बीच पढ़ाई और समझने का नया दौर शुरू होता है। IIT मद्रास का यह प्रोग्राम ऐसे लोगों के लिए प्रसार का माध्यम बन रहा है, जो अपनी रूचि अनुसार पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं।
जिगीशा और आदित्य की यह कहानी यह दिखाती है कि कभी भी सही समय नहीं होता, बल्कि यदि मन में इरादा सच्चा हो तो उम्र, परिस्थिति या समय कोई बाधा नहीं बनते। उनके इस अनुभव ने शिक्षा की महत्ता और परिवार में साथ मिलकर सीखने के महत्व को साबित किया है।











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