इटानगर, अरुणाचल प्रदेश – अरुणाचल प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 18 जून को राज्यसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की। यह चुनाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अरुणाचल प्रदेश का एक राज्यसभा सदस्य का कार्यकाल 23 जून को समाप्त हो रहा है, जिसके कारण यह चुनाव अनिवार्य हो गया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने चुनाव प्रक्रिया को सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने मतदाताओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए मतदान प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की बाधा न होने का विशेष ध्यान रखने को कहा।
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, राज्यसभा चुनाव में अरुणाचल प्रदेश के विधानसभा के सदस्यों द्वारा मतदान किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने चुनाव के दौरान कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य करने की भी बात कही ताकि सभी प्रतिभागियों की सेहत सुरक्षित रहे।
उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग सभी संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। मतगणना के समय किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।
मुख्य चुनाव अधिकारी ने स्थानीय मीडिया से अपील की कि वे सभी खबरें तथ्यात्मक आधार पर ही प्रसारित करें और जनता को भ्रमित करने वाली जानकारी से बचें। इसके अलावा, इलेक्शन डिपार्टमेंट ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए विभिन्न तकनीकी उपायों को अपनाया है।
राज्य में चुनाव की तैयारियों के दायरे में प्रशिक्षण, लॉजिस्टिक्स, सुरक्षा व्यवस्था और मतदान केंद्रों की जांच शामिल है। अधिकारियों ने कहा कि मतदान केंद्रों की नियमित रूप से साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन की जाएगी।
यह चुनाव अरुणाचल प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह जिले की राजनीतिक स्थिरता और प्रतिनिधित्व को कायम रखने में मदद करेगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जनता से जिानकारी और चुनाव प्रक्रिया में सहयोग की अपील की है।











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