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CIC ने CBSE से उत्तर पुस्तिकाओं और अंक साझा करने के लिए समय सीमा निर्धारित करने को कहा

CIC ने CBSE से उत्तर पुस्तिकाओं और अंक साझा करने के लिए समय सीमा निर्धारित करने को कहा

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D/DNA News Desk 1 जुलाई 2026, 08:44 IST
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CIC ने CBSE से उत्तर पुस्तिकाओं और अंक साझा करने के लिए समय सीमा निर्धारित करने को कहा

नई दिल्ली, भारत

केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से छात्रों के मूल्यांकन रिकॉर्ड को साझा करने के लिए एक स्पष्ट समयसीमा निर्धारित करने का आग्रह किया है। यह अनुरोध तब सामने आया जब एक कक्षा 12 की छात्रा ने परीक्षाओं के रद्द होने के बाद अपने अंक प्राप्त करने के लिए आयोग का रुख किया।

CIC ने इस मामले में CBSE को निर्देश दिए हैं कि वे स्टूडेंट्स को उनके मूल्यांकन अवलोकन उपलब्ध कराने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) विकसित करें, ताकि छात्रों को अनावश्यक तनाव और असमंजस से बचाया जा सके। आयोग ने कहा है कि इस प्रकार की पारदर्शिता से न सिर्फ छात्र और अभिभावक संतुष्ट रहेंगे, बल्कि शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि CBSE को अपनी वेबसाइट पर इस नीति को स्पष्ट रूप से प्रकाशित करना होगा ताकि सभी हितधारक इसे देख सकें और समय-समय पर जानकारी प्राप्त कर सकें। इसके अतिरिक्त, आयोग ने आदेश दिया है कि उक्त छात्रा को उसकी मूल्यांकन जानकारी तुरंत मुहैया कराई जाए।

पिछले वर्षों में विभिन्न कारणों से परीक्षाओं में रुकावट आई है, जिसमें महामारी के दौरान परीक्षाएं रद्द होना प्रमुख है। ऐसे में छात्रों को उनके प्रदर्शन के बारे में सही वक्त पर जानकारी देना अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। CIC का यह कदम शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और छात्रों के हित में फैसले लेने की दिशा में एक सार्थक पहल माना जा रहा है।

CBSE के अधिकारियों ने कहा कि वे आयोग के आदेश का पूरी तरह पालन करेंगे और जल्द ही आवश्यक SOP जारी करेंगे। इससे पहले भी बोर्ड ने परीक्षा परिणामों को लेकर कई अपडेट्स जारी किए हैं ताकि छात्रों को सुविधा हो। नवीन दिशा-निर्देशों के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि मूल्यांकन संबंधी जानकारी साझा करने में देरी नहीं होगी और छात्र अपने भविष्य की योजना बेहतर तरीके से बना पाएंगे।

इस मामले पर शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता आवश्यक है क्योंकि इससे छात्र और अभिभावक दोनों की चिंता कम होती है और शिक्षा प्रणाली में विश्वास बढ़ता है। आयोग का यह निर्देश एक सकारात्मक संदेश भी देता है कि उत्तरदायी संस्थाएं अपने कार्यक्षेत्र में जवाबदेही निभा रही हैं।

अंत में, CIC की यह पहल न केवल कक्षा 12 के छात्र के लिए बल्कि पूरे शैक्षणिक समुदाय के लिए राहत का कारण बनेगी, जिससे समय सीमा के भीतर मूल्यांकन सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएंगी और छात्रों का कार्यभार कम होगा।

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