नई दिल्ली, भारत – काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE) ने अपनी नई पहल ACTIVE CISCE शुरू की है, जो देशभर के 3300 से अधिक संबद्ध स्कूलों में लगभग 31 लाख छात्रों के लिए एक व्यापक शारीरिक स्वास्थ्य और फिटनेस मूल्यांकन कार्यक्रम है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप है और इसका उद्देश्य छात्रों के शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर ढंग से समझना और सुधारना है।
CISCE के अध्यक्ष के अनुसार, यह कार्यक्रम छात्रों की आयु के अनुसार फिटनेस संबंधित मापदंडों के मूल्यांकन पर केंद्रित है। इसके अंतर्गत छात्रों को उनका व्यक्तिगत फिटनेस रिपोर्ट कार्ड प्रदान किया जाएगा, जो उन्हें और उनके अभिभावकों को उनकी शारीरिक स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी देगा। इसके अलावा, इस मूल्यांकन से स्कूलों और नीति निर्माताओं के लिए राष्ट्रीय स्तर पर स्कूल स्वास्थ्य और स्कूल फिटनेस सूचकांक विकसित करने में मदद मिलेगी।
इस पहल का मकसद केवल फिटनेस स्तर मापना नहीं है, बल्कि इसे एक माध्यम के रूप में उपयोग कर स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना भी है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नई पीढ़ी के लिए खेल और फिटनेस गतिविधियों को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है ताकि वे मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकें। NEP 2020 में भी इस दिशा में महत्व दिया गया है कि छात्रों को समग्र शिक्षा के तहत शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए समुचित अवसर दिए जाएं।
इस कार्यक्रम की शुरुआत से बच्चों के स्वास्थ्य के मामलों में सुधार होगा और स्कूल स्तर पर फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए ठोस नीतियां और कारगर कदम उठाए जा सकेंगे। साथ ही, इससे प्राप्त आंकड़ों का उपयोग करके भविष्य में स्वास्थ्य से जुड़ी पहलों और संसाधनों की योजना बनाई जा सकेगी।
शिक्षा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि ऐसी पहल अधिकतर शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बच्चों की फिटनेस को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएंगी। वे मानते हैं कि सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देकर हम एक स्वस्थ और मजबूत राष्ट्र की नींव रख सकते हैं।
इस प्रकार, ACTIVE CISCE कार्यक्रम न केवल छात्रों की शारीरिक फिटनेस में सुधार के लिए एक प्रभावी कदम है बल्कि यह शिक्षा के आधुनिक स्वरूप को अपनाने और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप स्वस्थ भारत निर्माण में सहायक साबित होगा।











टिप्पणियाँ
इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।