नई दिल्ली, भारत – बॉलीवुड और पंजाबी सिनेमा के जाने-माने अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर युवाओं द्वारा चलाये जा रहे विरोध प्रदर्शनों का समर्थन किया है, जो NEET परीक्षा में सुधार और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा करते हुए उन्हें फिर से ‘एंटी-नेशनल’ कहा जाएगा, जैसा कि किसान आंदोलन के दौरान हुआ था।
दिलजीत ने स्पष्ट किया कि युवा वर्ग की समस्याओं को समझना और उनकी आवाज़ को मजबूती से उठाना आवश्यक है। उन्होंने कहा, “मैं युवा आंदोलन के साथ खड़ा हूं, चाहे इसके लिए मुझे कोई भी आलोचना करे।”
आंदोलनकारियों ने संसद के सामने मार्च किया, जहां उनके रास्ते में सुरक्षा बलों ने आकर आंसूगैस का प्रयोग किया। प्रदर्शनकारी मूल रूप से NEET परीक्षा प्रणाली में बदलाव चाहते हैं और प्रदर्शन की उनकी मांगों में सरकार के लिए जवाबदेही शामिल है।
प्रदर्शन के दौरान, एक प्रतिनिधि मंडल ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में परीक्षा प्रणाली के सुधार सहित संबंधित मंत्री की इस्तीफा देने की मांग शामिल थी।
इसी बीच, सोनम वांगचुक, जो कि इस आंदोलन के एक प्रमुख समर्थक हैं, अपने विरोध स्वरूप लगातार अनशन पर हैं। उन्होंने संसद सदस्यों से बातचीत के लिए अपील की है ताकि इस मुद्दे पर सार्थक संवाद स्थापित हो सके।
दिलजीत दोसांझ के समर्थन से यह मुद्दा और अधिक जनहित में आया है और इसका प्रभाव राष्ट्रीय मीडिया में भी देखा जा रहा है। युवा पीढ़ी की यह पहल निश्चित ही शिक्षा क्षेत्र में आवश्यक सुधारों की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगी।
इस पूरे प्रकरण में सरकार से यह अपेक्षा जताई जा रही है कि वह युवाओं की मांगों को गंभीरता से स्वीकार करे और जल्द से जल्द आवश्यक बदलाव करें। विरोधी दल भी इस मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं, जिससे यह राजनीतिक चर्चा का एक बड़ा विषय बन गया है।
यह आंदोलन देश भर में युवा वर्ग की राजनीतिक जागरूकता और सक्रिय भागीदारी का परिचायक है, जो भविष्य में भारत के लोकतंत्र और सुधारों के लिए एक सकारात्मक संकेत मान जा सकता है।











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