Monday, October 26, 2026 1 live visitors
D/DNA News D/DNA Newsddnanews.com
सोमवार, 26 अक्टूबर 2026
विज्ञापन
DDNA header banner
DDNA header banner
एमपीएससी आगामी प्रारंभिक परीक्षा सीबीटी मोड में आयोजित करेगा, परिणाम हेतु 21-दिन की समयसीमा तय

एमपीएससी आगामी प्रारंभिक परीक्षा सीबीटी मोड में आयोजित करेगा, परिणाम हेतु 21-दिन की समयसीमा तय

D
D/DNA News Desk 27 जून 2026, 13:12 IST
1 मिनट पढ़ें
एमपीएससी आगामी प्रारंभिक परीक्षा सीबीटी मोड में आयोजित करेगा, परिणाम हेतु 21-दिन की समयसीमा तय

मुंबई, महाराष्ट्र – महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) ने आगामी भर्ती प्रक्रिया में प्रारंभिक परीक्षाओं को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस बदलाव का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में हो रहे विलंब को कम करना और उम्मीदवारों को बेहतर, त्वरित सेवा प्रदान करना है।

आयोग के सूत्रों के अनुसार, कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के परिणामों को 21 दिनों के अंदर घोषित किया जाएगा, जिससे सम्पूर्ण भर्ती प्रक्रिया उसी वर्ष के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है। यह कदम एमपीएससी की पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ाने के साथ-साथ उम्मीदवारों के लिए सुविधाजनक साबित होगा।

मुख्य परीक्षा (Main Examination) की प्रकृति जैसी की तैसी बनी रहेगी और केवल प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Examination) में ही तकनीकी बदलाव किया जाएगा। एमपीएससी ने इस बदलाव को लागू करने के लिए टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर में आवश्यक सुधार किए हैं, ताकि परीक्षा का संचालन बिना किसी समस्या के हो सके।

हालांकि कई प्रतियोगी परीक्षाओं ने पहले से ही CBT प्रणाली को अपनाया हुआ है, ऐसे में एमपीएससी की यह पहल भर्ती प्रक्रिया को आधुनिकतम बनाने और राष्ट्रीय स्तर की भर्ती एजेंसियों के कदम से मेल खाने वाली होगी।

एमपीएससी के अधिकारी ने बताया, “एमपीएससी का लक्ष्य हमेशा से ही चयन प्रक्रिया में तेजी लाना और प्रतिभाशाली उम्मीदवारों को बिना किसी देर के मौका देना रहा है। CBT मोड में परीक्षा आयोजित करने से हम इन दोनों निर्देशों को बेहतर तरीके से पूरा कर सकते हैं।”

परीक्षा में हिस्सा लेने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह परिवर्तन काफी मददगार साबित होगा क्योंकि वे कहीं भी सक्षम टेस्ट केंद्रों पर जाकर परीक्षा दे सकेंगे और परिणाम समय पर मिलने के कारण उनकी तैयारी में भी स्पष्टता आएगी।

इस नई व्यवस्था से जुड़ा एक और लाभ यह होगा कि प्रश्न पत्रों और उत्तरों के मूल्यांकन में मानवीय त्रुटि की संभावना कम हो जाएगी। इसके साथ ही, उम्मीदवारों को उनके प्रदर्शन के बारे में जल्दी जानकारी मिलने से वे अपनी अगली रणनीति बेहतर बना सकेंगे।

अंत में कहा जा सकता है कि एमपीएससी का यह कदम महाराष्ट्र में सरकारी सेवाओं की भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और कुशल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उम्मीदवारों को भी इस बदलाव से उत्पन्न होने वाले लाभों का पूरा लाभ लेना चाहिए और अपनी तैयारी को इस हिसाब से निरंतर बनाए रखना चाहिए।

Source

यह खबर शेयर करें

टिप्पणियाँ

इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।

संबंधित खबरें

--:--
ईरान युद्ध अपडेट: ट्रम्प ने ईरान हमलों को तेज करने पर कैबिनेट के साथ की बैठकJENPAS UG परिणाम 2026 घोषित, wbjeeb.nic.in पर उपलब्ध; Rank Card डाउनलोड करें, काउंसलिंग शेड्यूल जल्द घोषित होगाबर्मिंघम फीनिक्स ने एडगबास्टन में ट्रेंट रॉकेट्स को पछाड़ाजेम्स ज़ी ने अपने बेटे होने का दावा करने वाले व्यक्ति की गॉडमदर से $119,000 वापस लेने की कोशिश कीअमेरिका ने व्यापार भागीदारों पर नई टैरिफ लहर लागू कीऑस्मानिया विश्वविद्यालय ने मई 2026 के यूजी CBCS नियमित और बैकलॉग परीक्षाओं के परिणाम घोषित किए; यहां से डाउनलोड करेंसीए प्रमुख ग्रीनबर्ग भारत में इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट को लेकर ‘खुले’‘जन नायक’ ने बॉक्स ऑफिस पर किया जोरदार आगाज