श्रीनगर, जम्मू और कश्मीर। सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) श्रीनगर में एमबीबीएस सीटों की संख्या में महत्वपूर्ण वृद्धि की घोषणा की गई है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने आगामी शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से एमबीबीएस में 50 अतिरिक्त सीटें मंजूर की हैं, जिससे कॉलेज में वार्षिक प्रवेश क्षमता बढ़कर 250 हो जाएगी।
यह वृद्धि जम्मू और कश्मीर के स्वास्थ्य क्षेत्र में अच्छे डॉक्टरों की मांग को पूरा करने के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। पिछले साल भी सीटों में इजाफा किया गया था, और अब यह दूसरी बार है जब एनएमसी ने जीएमसी श्रीनगर की सीट संख्या बढ़ाई है। इस फैसले को क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के प्रयास के तहत लिया गया है।
जीएमसी श्रीनगर के प्रशासन ने कहा कि इस विस्तार से न केवल छात्रों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि चिकित्सा शिक्षा के संसाधनों और सुविधाओं का भी विकास होगा। इसके तहत नई लैब्स, शिक्षण स्टाफ की संख्या में वृद्धि और बेहतर क्लिनिकल प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से जम्मू और कश्मीर के दूर-दराज क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद बढ़ेगी क्योंकि अधिक डॉक्टर स्थानीय जरूरतों को पूरा करेंगे। एनएमसी की तरफ से यह कार्रवाई पूरे देश में मेडिकल शिक्षा को मजबूत करने के राष्ट्रव्यापी प्रयास का हिस्सा है।
इस सुधार से छात्रों के लिए अधिक अवसर सृजित होंगे और मेडिकल क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी, जिससे गुणवत्तापूर्ण मेडिकल पेशेवर तैयार होंगे। पिछले वर्षों में मेडिकल कॉलेजों में सीटों की सीमित संख्या ने मेडिकल शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों की संख्या को प्रभावित किया था, लेकिन अब इस बढ़ोतरी से यह समस्या काफी हद तक दूर होगी।
इस फैसले का स्वागत राज्य सरकार, चिकित्सा समुदाय, और छात्रों ने किया है। सभी का मानना है कि यह वृद्धि जम्मू और कश्मीर के स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूती प्रदान करेगी और स्वस्थ समुदाय के निर्माण में मदद करेगी।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने कहा है कि यह कदम चिकित्सा शिक्षा को और विस्तार देने तथा देश के स्वास्थ्य ढांचे को बेहतर बनाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। आने वाले वर्षों में इसी तरह के और भी प्रयास किए जाएंगे ताकि भारत में चिकित्सा शिक्षा और सेवा दोनों को उच्चतम मानकों तक पहुंचाया जा सके।











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