नई दिल्ली, भारत – मशहूर हेयरस्टाइलिस्ट जावेद हबीब ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण खुलासा किया है जिसमें उन्होंने बताया कि उनके दादा, नजीर अहमद, राष्ट्रपति भवन में काम करते थे और वे महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू के बार्बर थे। यह जानकारी उनके परिवार की एक गौरवशाली विरासत को उजागर करती है जो भारतीय इतिहास के बड़े नायकों से जुड़ी हुई है।
जावेद हबीब ने बातचीत के दौरान बताया कि उनके दादा नजीर अहमद का राष्ट्रपति भवन में बार्बर का पद था, जहां वे स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जैसे महान नेताओं को शेविंग और बाल काटने की सेवाएं देते थे। उन्होंने बाल काटने के कई किस्से साझा किए, जिनमें से एक था जब नेहरूजी ने उन्हें एक घड़ी भेंट की थी, जो उनके लिए बेहद खास स्मृति बनी।
जावेद ने यह भी बताया कि उनके पिता ने इस प्रतिष्ठित पद को स्वीकार करने से इंकार कर दिया था और इसके बजाय उन्होंने लंदन में प्रशिक्षण प्राप्त करने का फैसला किया। यह निर्णय उनके परिवार के हेयरड्रेसिंग के पेशे में नए युग की शुरुआत साबित हुआ जिससे जावेद हबीब ने आज एक अंतरराष्ट्रीय ब्रांड खड़ा किया है।
यह खुलासा न केवल एक पारिवारिक कहानी है बल्कि भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक संदर्भों को भी जोड़ता है। इतने बड़े नेताओं के निकटस्थ संपर्क में रहे नजीर अहमद की यह सेवा इतिहास में एक महत्वपूर्ण जगह रखती है। इस कथा ने जावेद हबीब के काम और उनके पारिवारिक मूल्यों को भी एक नई दिशा दी है।
जावेद हबीब ने अपने दादा की बातों को साझा करते हुए कहा कि यह संबंध केवल बाल काटने तक सीमित नहीं था, बल्कि वह उनके साथ व्यक्तिगत और भावनात्मक रूप से भी जुड़े थे। इस प्रकार के संबंध हमें देश के इतिहास के करीब ले जाते हैं और उन महान व्यक्तियों की सरलता और मानवता को दिखाते हैं।
इस तरह की कहानियां हमें यह याद दिलाती हैं कि इतिहास केवल बड़े घटनाक्रमों से नहीं बनता, बल्कि उन छोटी-छोटी बातों और मानवीय संबंधों से भी बनता है, जो हमारे पूर्वजों ने जीए। जावेद हबीब का यह बयान निश्चित रूप से उनके सम्मान और भारतीय ऐतिहासिक विरासत में उनकी भूमिका को मान देता है।











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