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जावेद ने बताया कि ग्रुपिस्म के कारण वे कभी ए-लिस्टर नहीं बन पाए, सलमान का उदाहरण दिया

जावेद ने बताया कि ग्रुपिस्म के कारण वे कभी ए-लिस्टर नहीं बन पाए, सलमान का उदाहरण दिया

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D/DNA News Desk 10 जुलाई 2026, 14:11 IST
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जावेद ने बताया कि ग्रुपिस्म के कारण वे कभी ए-लिस्टर नहीं बन पाए, सलमान का उदाहरण दिया

मुंबई, महाराष्ट्र

बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता और कॉमेडियन जावेद जाफ़री ने अपने करियर को लेकर एक गहन बातचीत में यह माना है कि वे कभी भी इंडस्ट्री के टॉप ए-लिस्टर नहीं बन सके। जावेद ने इस बात का श्रेय न मिलने में ग्रुपिस्म और इंडस्ट्री के पैकेजिंग सिस्टम को दिया। उन्होंने बताया कि कैसे कुछ अभिनेता, जैसे सलमान खान, अपनी मजबूती और प्रवृत्ति के कारण अपने करियर को एक उच्च मुकाम तक ले जा पाते हैं, जबकि अन्य प्रतिभाएँ इसके लिए संघर्ष करती हैं।

जावेद ने कहा, “बॉलीवुड में सिर्फ टैलेंट ही काम नहीं करता, बल्कि आपके साथ कौन है, कौन आपको प्रमोट करता है और किस ग्रुप में आप आते हैं, ये भी कम महत्वपूर्ण नहीं है। मैं कभी भी उन बड़े ग्रुप्स का हिस्सा नहीं रहा, जिनका फिल्म इंडस्ट्री में गहरा प्रभाव होता है। सक्षम पीआर और पैकेजिंग के बिना आपका करियर सीमित रह जाता है।”

जावेद जाफ़री ने अपना शुरुआती रोल एक खलनायक के तौर पर निभाया था, जो उनकी इमेज पर भी असर डाल गया। उन्होंने बताया कि इस तरह के शुरुआती किरदार ने दर्शकों और निर्माताओं की नज़र में उनकी संभावनाओं को सीमित कर दिया। “लोग पहली छाप के आधार पर आपको आसानी से कैटेगरी में डाल देते हैं,” उन्होंने कहा।

इसके अतिरिक्त, जावेद ने सलमान खान के उदाहरण का उल्लेख करते हुए कहा कि सलमान की स्टारडम और समूह ने उनके करियर को कैसे आकार दिया। सलमान के पास एक मजबूत फैन बेस और प्रभावशाली संपर्क हैं जिन्होंने उन्हें इंडस्ट्री का A-लिस्टर बनने में मदद की। जावेद ने समझाया कि यह सिर्फ अभिनय क्षमता नहीं, बल्कि सही प्रमोशन और नेटवर्किंग भी है जो एक कलाकार को शीर्ष पर पहुंचाता है।

हालांकि, जावेद जाफ़री ने अपने करियर को लेकर निराशा जताने के बजाय, उन्होंने इसे सीखने और इंडस्ट्री के जटिल मकैनिक्स को समझने का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि वे अब भी नई परियोजनाओं और अनुभवों के लिए उत्साहित हैं और अपनी कला के प्रति समर्पित हैं।

बॉलीवुड में ग्रुपिस्म और इंडस्ट्री के अंदरूनी खेलों का जिक्र अक्सर होता रहा है, और जावेद का यह बयान इस बात को और भी स्पष्ट करता है कि केवल टैलेंट ही काफी नहीं होता। कलाकारों को अपनी पहचान बनाने के लिए सही नेटवर्किंग, प्रभावशाली बचाव और रणनीति की भी जरूरत होती है। जावेद जाफ़री की यह सोच इंडस्ट्री के नवोदित कलाकारों के लिए एक महत्वपूर्ण सीख हो सकती है।

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