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क्या स्कूल दाखिले में APAAR ID अनिवार्य है? NCERT ने किया स्पष्ट, कहा कोई बच्चे का प्रवेश नहीं रोका जाएगा

क्या स्कूल दाखिले में APAAR ID अनिवार्य है? NCERT ने किया स्पष्ट, कहा कोई बच्चे का प्रवेश नहीं रोका जाएगा

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D/DNA News Desk 17 अप्रैल 2026, 11:49 IST
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क्या स्कूल दाखिले में APAAR ID अनिवार्य है? NCERT ने किया स्पष्ट, कहा कोई बच्चे का प्रवेश नहीं रोका जाएगा

नई दिल्ली, भारत – हाल ही में NCERT ने एक महत्वपूर्ण स्पष्टता प्रदान की है जिससे अभिभावकों के मन में स्कूल दाखिले को लेकर पनपी भ्रांतियों का अंत हुआ है। संस्था ने अपने आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) पेज पर एक पोस्ट के माध्यम से बताया कि APAAR ID स्कूलों में दाखिले के लिए अनिवार्य नहीं है।

APAAR ID एक डिजिटल पहचान है, जिसे सरकार ने छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को सुव्यवस्थित करने और उन्हें डिजिटल रूप में ट्रैक करने के उद्देश्य से शुरू किया है। यह पहल भारतीय शिक्षा प्रणाली को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक कदम है, जो छात्र और विद्यालय दोनों के लिए सुविधा प्रदान करती है। हालांकि, इस डिजिटल पहचान को लेकर अभिभावकों में भ्रम बढ़ा हुआ था कि बिना इस ID के किसी छात्र को स्कूल में प्रवेश नहीं मिलेगा। NCERT ने इस भ्रम को पूरी तरह से खारिज किया है।

NCERT के क्लीयरेंस के अनुसार, APAAR ID केवल एक ऑप्शनल सुविधा है, जिसका उद्देश्य अभिभावकों और शिक्षकों को शैक्षणिक जानकारी आसानी से उपलब्ध कराना है। किसी भी छात्र को केवल इस पहचान का अभाव होने के कारण स्कूल में दाखिला नहीं रोका जा सकता है। संस्थान ने यह भी कहा कि बच्चों का शिक्षण बंद करना या प्रवेश से वंचित करना राष्ट्रीय शिक्षा नीति और संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ होगा।

इस घोषणा के बाद, शिक्षा विभाग और स्कूल प्रशासन को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी छात्र के दाखिले में बाधा न डालें और APAAR ID के बिना भी सभी योग्य बच्चों को प्रवेश दिया जाए। इससे छात्र और उनके अभिभावक शिक्षण संस्थान में दाखिले को लेकर आश्वस्त होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल पहचानों का होना शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और सुगमता बढ़ाएगा, परन्तु इसे अनिवार्य करने के बजाय विकल्प के रूप में रखना न्यायसंगत कदम है, जिससे किसी भी बच्चे के अधिकारों का उल्लंघन न हो। NCERT की यह स्पष्टता इस संदर्भ में सम्माननीय और आवश्यक कदम माना जा रहा है।

अभिभावकों से अपील की गई है कि वे सरकारी नोटिफिकेशन को ध्यानपूर्वक पढ़ें और अपने बच्चों के दाखिले के संबंध में स्कूलों से सही जानकारी लें। गलतफहमियों और अफवाहों से बचकर वे अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं। स्कूल प्रशासन द्वारा भी व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है ताकि सभी परिवारों तक सही जानकारी पहुंचे।

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