Jammu: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल Manoj Sinha ने पुलिस बल में शामिल हुए 3200 से अधिक नए कॉन्स्टेबलों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए सतर्कता, टीम वर्क और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में आतंकवाद और कानून-व्यवस्था से जुड़े खतरे पहले से ज्यादा जटिल हो गए हैं, इसलिए जवानों को हर समय चौकन्ना रहना होगा।
उपराज्यपाल ने कहा, “खतरे अब खुली नजरों के सामने छिपे हैं। कानून-व्यवस्था और आतंकवाद का स्वरूप बदल गया है। ऐसे में हर पल सतर्क रहना बेहद जरूरी है।”
उन्होंने नए जवानों से जम्मू-कश्मीर पुलिस की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने और देश की एकता-अखंडता की रक्षा में पूरी निष्ठा से काम करने का आह्वान किया।
Manoj Sinha ने कहा कि जम्मू-कश्मीर जिन चुनौतियों का सामना कर रहा है, उनसे निपटने के लिए एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब सुरक्षा एजेंसियां मिलकर सूचनाएं साझा करेंगी और संयुक्त रणनीति के तहत काम करेंगी, तभी आतंकवाद के खिलाफ मजबूत लड़ाई संभव हो पाएगी।
उपराज्यपाल ने पड़ोसी देश पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत हमेशा शांति और सद्भाव का समर्थक रहा है, लेकिन दुर्भाग्य से पड़ोसी देश आतंकवाद का केंद्र बन चुका है। उन्होंने नए कॉन्स्टेबलों से राष्ट्रीय सुरक्षा की पहली पंक्ति में खड़े होकर आतंक के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने का संकल्प लेने को कहा।
उन्होंने आतंकवाद के फंडिंग नेटवर्क को खत्म करने की जरूरत पर भी जोर दिया। सिन्हा ने कहा, “आतंकवाद अपने आप नहीं चलता। इसके पीछे पैसा, नेटवर्क और सपोर्ट सिस्टम होता है। हमें कानून की पूरी ताकत से इन स्रोतों को खत्म करना होगा।”
उपराज्यपाल ने बीट पुलिसिंग को कानून-व्यवस्था बनाए रखने का प्रभावी तरीका बताते हुए कहा कि यदि एक बीट कॉन्स्टेबल यह संकल्प ले कि उसके क्षेत्र में अपराध और अवैध कब्जे नहीं होंगे, तो निश्चित रूप से सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
कार्यक्रम में Atal Dulloo, Nalin Prabhat सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जवानों के परिजन मौजूद रहे।











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