विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश
आंध्र प्रदेश सरकार ने चार दिनों तक चलाए गए सघन खोज अभियान के बाद भी लापता मछुआरों और उनके जहाज के मलबे का कोई सुराग नहीं मिलने पर प्रशासकीय समिति की सिफारिश को स्वीकार करते हुए उन्हें मृत घोषित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इस संबंध में मंत्री ने बताया कि चार-दिवसीय खोज अभियान के बावजूद कोई भी जीवित या मृत अवशेष खोजे जाने में असफल रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि प्रशासन की चार सदस्यीय समिति ने जांच पूरी कर रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है, जिसमें लापता मछुआरों को मृत समझने की सिफारिश की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी तथ्यात्मक और साक्ष्य आधारित थी और इसके बाद ही यह सिफारिश दी गई है।
मछुआरों के परिवारों को इस समाचार से गहरा धक्का लगा है, लेकिन सरकार ने आश्वासन दिया है कि उनके परिवारों को उचित मुआवजा और सहायता प्रदान की जाएगी। विशेषज्ञों का भी मानना है कि चार दिनों की समुद्री खोज के बाद अब बचाव सम्भावना नगण्य दिखती है।
मछुआरे समुदाय ने सरकार के कदम की सराहना करते हुए यह भी कहा कि उन्हें राजनीतिक दावपेंच से बचाकर प्राथमिकता के आधार पर सहायता प्रदान करनी चाहिए। प्रशासन ने भी यह बताया कि भविष्य में इस तरह की स्थितियों से निपटने के लिए और बेहतर बचाव प्रबंधन तैयार किया जाएगा।
प्रदेश के मछुआरों के लिए यह एक दुखद समय है, लेकिन उचित कार्रवाई और समय पर की गई खोज प्रयासों से परिवारों को कानूनी और सामाजिक सुरक्षा मिल सकेगी। प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए राहत और पुनर्वास के लिए विशेष प्रावधान किए हैं।











टिप्पणियाँ
इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।