मुंबई, महाराष्ट्र – सलमान खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘मातृभूमि’, जो 2020 के गलवान घाटी संघर्ष पर आधारित है, इस अगस्त में रिलीज नहीं हो पाएगी। सूत्रों के मुताबिक, सेंसर बोर्ड यानी सर्टिफिकेट बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने फिल्म को अभी तक ऑडियंस के लिए रिलीज़ की मंजूरी नहीं दी है, जिसके कारण इसकी रिलीज़ डेट टल गई है।
फिल्म जिसका प्रारंभिक नाम ‘बैटल ऑफ गलवान’ था, को लेकर पहले ही कई विवाद उठे थे। खासतौर पर चीन में इसे लेकर नकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। फिलहाल, इस विवाद के बावजूद फिल्म के निर्माताओं ने भारत में इसे प्रदर्शित करने की पूरी तैयारी की थी।
सलमान खान इस फिल्म में कर्नल संतोष बाबू का किरदार निभा रहे हैं, जिन्होंने गलवान घाटी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई थी। फिल्म के निर्देशक अपूर्वा लकड़िया हैं, जो अपनी बेहतरीन फिल्म निर्माण शैली के लिए जाने जाते हैं। चित्रांगदा सिंह भी इस फिल्म में मुख्य भूमिका में हैं, ενώ हेमेश रेशमिया की संगीत व्यवस्था ने फिल्म की खूबसूरती को और बढ़ाया है।
CBFC द्वारा फिल्म को मंजूरी नहीं मिलने के कारण निर्माता और निर्देशक चिंतित हैं क्योंकि यह फिल्म करोड़ों दर्शकों की उम्मीदों पर खरी उतर सकती है। यह फिल्म भारत-चीन सीमा पर हुए उस लड़ाई की कहानी को पर्दे पर जीवंत करती है, जिसमें कई भारतीय जवानों ने अपने प्राण न्योछावर किए थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बोर्ड के अधिकारी फिल्म के कुछ दृश्यों और कथानक की संवेदनशीलता को लेकर निर्णय लेने में सतर्कता बरत रहे हैं। निर्माताओं ने बताया कि वे बोर्ड के सुझावों और आवश्यक संशोधनों को जल्द पूरा करेंगे ताकि फिल्म जल्द कोरोना महामारी के बाद फिर से थियेटरों में दिखाई जा सके।
फिल्म के प्रशंसक और देशभक्त दर्शक बेसब्री से इस फ़िल्म की रिलीज़ का इंतजार कर रहे थे, जो देशभक्ति और सैनिकों के बलिदान की प्रेरणास्पद कहानी बताती है। इस देरी से निश्चित रूप से फिल्म की मार्केटिंग और प्रचार पर असर पड़ेगा।
उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही फाइनल क्लियरेंस मिलने के बाद ‘मातृभूमि’ की नई रिलीज़ डेट घोषित की जाएगी और यह फिल्म थिएटर में दस्तक देगी। सलमान खान के अभिनय और अन्य कलाकारों के परफॉर्मेंस को लेकर इस फिल्म से काफी उम्मीदें जुड़ी हैं।











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