नई दिल्ली, भारत – नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द किए जाने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे पूर्व NTA के निदेशक जनरल की वर्तमान पोस्टिंग के बारे में ‘गूगल’ करें, जिनका नाम NEET-UG 2024 विवाद से जुड़ा है। गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार उन अधिकारियों की रक्षा करती है और उन्हें सहयोग भी देती है जो छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हैं।
राहुल गांधी ने अपनी एक पोस्ट में लिखा कि जो लोग परीक्षा के नियमों और नैतिकता से समझौता करते हैं, उन्हें सम्मान और पदोन्नति दी जाती है। उनका यह बयान NTA द्वारा NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द करने और नई परीक्षा कराने के आदेश के कुछ घंटों के भीतर आया, जब पेपर लीक और व्यापक अनियमितताओं की शिकायतें सामने आईं।
NEET-UG परीक्षा भारत में मेडिकल प्रवेश के लिए एक राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षा है। पिछले कुछ वर्षों से इस परीक्षा में पेपर लीक की घटनाएं और भी ज्यादा चर्चा में हैं, जो छात्रों, अभिभावकों और शिक्षाविदों में चिंता का विषय बनी हुई हैं। इस बार भी जब NEET UG 2026 को निरस्त कर नई परीक्षा आयोजित करने का फैसला लिया गया, तो यह मामला फिर से सुर्खियों में आ गया।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि यह केवल एक परीक्षा नहीं बल्कि लाखों छात्रों के सपनों और भविष्य से जुड़ा मामला है। उन्होंने केंद्र सरकार की जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए और अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने की मांग की। साथ ही, उन्होंने छात्र समुदाय को सचेत रहने और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील की।
वहीं, एनटीए का कहना है कि उन्होंने परीक्षा की गुणवत्ता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया है। एनटीए ने छात्रों से धैर्य रखने और आधिकारिक सूचनाओं के लिए लगातार उनके वेबसाइट और संबंधित चैनलों का अनुसरण करने को कहा है।
इस विवाद के बीच, छात्रों और उनके अभिभावकों में असमंजस और चिन्ता की स्थिति बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार आवश्यक है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और छात्रों का विश्वास बनाये रखा जा सके।
देश की शैक्षिक प्रतिष्ठान और नीति निर्धारक इस गंभीर मामले पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं ताकि NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा की विश्वसनीयता और निष्पक्षता बनाए रखी जा सके। यह मामला आगामी समय में शिक्षा क्षेत्र में गहन चर्चा और सुधार की दिशा भी निर्धारित करेगा।











टिप्पणियाँ
इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।