मुंबई, महाराष्ट्र। टीवी अभिनेत्री और रियलिटी शो की फेमस पर्सनैलिटी पलक तिवारी ने हाल ही में अपने बचपन के अनुभवों को शेयर किया है। श्वेता तिवारी और राजा चौधरी की बेटी पलक ने बताया कि पिता की कमी कभी उनके जीवन में कोई खालीपन नहीं बनी। उन्होंने अपनी इस मजबूती का श्रेय अपने परिवार की मजबूत महिलाओं को दिया।
पलक ने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए कहा कि उनके जीवन में हमेशा महिलाओं की अहम भूमिका रही है जिन्होंने उन्हें सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने बताया कि मां श्वेता तिवारी से लेकर दादी तक सभी महिलाओं ने उनका मनोबल बढ़ाया और उन्हें आत्मनिर्भर बनाया।
उन्होंने यह भी कहा कि पिता के न होने के बावजूद कभी भी वे खुद को अधूरा या कमजोर महसूस नहीं करतीं। क्योंकि परिवार की यह मजबूत महिलाओं की मौजूदगी उनके लिए एक मजबूत सहारा बनी। पलक ने यह स्पष्ट किया कि यह उनके लिए कभी भी ‘खालीपन’ जैसा नहीं था, बल्कि एक अलग तरह की ताकत का स्त्रोत था।
श्वेता तिवारी और राजा चौधरी के संबंधों में दूरियां रही हैं, मगर पलक ने कभी भी इस चीज को अपने विकास और मनोबल पर असर नहीं पड़ने दिया। उनकी यह बात आज के युवाओं के लिए एक मिसाल है कि कैसे कठिनाइयों के बावजूद भी सकारात्मकता बनाए रखनी चाहिए।
पलक के इस बयान ने न केवल उनके फैंस के बीच चर्चा छेड़ी है, बल्कि उन महिलाओं को भी प्रेरित किया है जो जीवन में संघर्ष के बावजूद अपने कदम मजबूत बनाकर आगे बढ़ रही हैं। उनकी कहानी बताती है कि परिवार में आत्मीयता और समझदारी का माहौल ही व्यक्ति के चरित्र और मनोवैज्ञानिक विकास का सबसे बड़ा कारण होता है।
संक्षेप में कहें तो पलक तिवारी की यह बात हमें एक महत्वपूर्ण संदेश देती है कि जीवन में मातृशक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और उनके सहारे से हम हर मुश्किल का सामना कर सकते हैं। यह उनका आत्मविश्वास ही है जिसने उन्हें अपने करियर में सफल बनाया और संघर्ष के बावजूद उन्हें मजबूत रखा।











टिप्पणियाँ
इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।