मुंबई, महाराष्ट्र – बॉलीवुड अभिनेत्री समीराहा रेड्डी ने अपनी पहली फिल्म ‘मैने दिल तुझको दिया’ के वक्त अपने अनुभवों को साझा किया है, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्हें दो से तीन शेड तक हल्का दिखाने के लिए मेकअप किया गया था। इसमें उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उनके लुक को बेहतर दिखाने के लिए उन्हें पैडेड ब्रा, बम पैड और रंगीन लेंस पहनने पड़ते थे।
समीराहा ने अपने अनुभव को याद करते हुए कहा कि शुरुआती दिनों में उनका शरीर और त्वचा के रंग को लेकर बेहद संघर्ष रहा। टीम के सदस्यों द्वारा कई बार उनका श्रम करने के बजाए उनके शरीर पर नकारात्मक टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि यह असुरक्षा और बॉडी शेमिंग की समस्या उन्हें 40 वर्ष की उम्र तक घेरें रही।
समीराहा रेड्डी ने कहा कि इस तरह के अनुभव ने उन्हें अंदर तक प्रभावित किया, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने अपनी सच्ची खूबसूरती को स्वीकार करना शुरू किया। उन्होंने यह भी बताया कि इस कमी और असुरक्षा के बावजूद, वे अपने करियर में लगातार काम करती रहीं और आज एक खुशहाल परिवार की जिंदगी जी रही हैं।
समीराहा वर्तमान में अक्षय वर्दे से विवाहेतर हैं और उनके दो बच्चे हैं। उन्होंने इस किस्से के माध्यम से समाज में व्याप्त रंगभेद और बॉडी शेमिंग जैसी समस्याओं पर चर्चा की और कहा कि ऐसे मुद्दों से निपटना जरूरी है ताकि हर महिला खुद को सुन्दर और आत्मविश्वासी महसूस कर सके।
इस खुलासे के बाद, समीराहा ने महिलाओं के लिए संदेश दिया कि वे कभी भी अपने शरीर या रंग की वजह से खुद को कमतर न समझें और अपने अंदर की खूबसूरती को पहचानें। उनके अनुभव से यह भी पता चलता है कि पारंपरिक सिनेमा में दिखाए जाने वाले सौंदर्य मानदंड कितने कठिन और हानिकारक हो सकते हैं।
समीराहा रेड्डी की यह बातचीत अभिलेखीय है, जो मनोरंजन क्षेत्र में रंग और बॉडी इमेज से जुड़ी चुनौतियों को दर्शाती है। उनके खुलासे से इस दिशा में सकारात्मक संवाद होने की उम्मीद है।











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