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सीएम विजय ने करूर दंगा पीड़ितों के लिए स्मारक की घोषणा की, भीड़ के बारे में जानकारी न देने पर पुलिस को दोषी ठहराया

सीएम विजय ने करूर दंगा पीड़ितों के लिए स्मारक की घोषणा की, भीड़ के बारे में जानकारी न देने पर पुलिस को दोषी ठहराया

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D/DNA News Desk 11 जुलाई 2026, 01:05 IST
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सीएम विजय ने करूर दंगा पीड़ितों के लिए स्मारक की घोषणा की, भीड़ के बारे में जानकारी न देने पर पुलिस को दोषी ठहराया

करूर, तमिलनाडु: करूर के आस-पास आयोजित एक जनसभा में मुख्यमंत्री विजय ने करूर में हुए भीड़ हादसे के लिए पुलिस को दोषी ठहराते हुए कहा कि यदि उन्हें भीड़ के बारे में समय रहते सूचित किया जाता तो यह दुखद घटना टाली जा सकती थी। उन्होंने कहा कि 27 सितंबर 2025 को वेलुसमीपुरम में हुए अपनी चुनाव प्रचार के दौरान पुलिस ने उन्हें भीड़ की जानकारी नहीं दी।

मुख्यमंत्री ने कहा, “यह एक दुखद और निंदनीय घटना है, जो पुलिस की लापरवाही के कारण हुई। यदि मुझे समय पर सूचना मिलती तो मैं तत्काल कार्रवाई कर सकता था और अनावश्यक जनसमूह जमा होने से रोक सकता था।” उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार उनकी हरसंभव मदद करेगी।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने मृतकों की याद में एक स्मारक बनाने की भी घोषणा की, जो भविष्य में इस तरह की घटनाओं की यादगार के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि यह स्मारक पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ जनता को भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के प्रति जागरूक करेगा।

पुलिस के कार्यशैली पर मुख्यमंत्र की यह आलोचना इस घटना की जांच को लेकर कई सवाल खड़े करती है। पुलिस ने अभी तक भीड़ इकट्ठा होने की सूचना न देने के कारण कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है। पुलिस प्रशासन ने कहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वे किसी प्रकार की टिप्पणी करेंगे।

करूर के स्थानीय नागरिकों ने भी इस घटना पर दुख जताते हुए पुलिस और प्रशासन की जवाबदेही की मांग की है। उनका कहना है कि चुनाव प्रचार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं न हों।

इस घटना ने तमिलनाडु में भीड़ प्रबंधन और सार्वजनिक सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं को उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि चुनावी माहौल में विशेष सुरक्षा प्रबंध किए जाने चाहिए ताकि जनता की जान माल सुरक्षित रह सके।

मुख्यमंत्री की घोषणा और प्रतिक्रिया से एक तरह से सरकार की प्रतिबद्धता सामने आई है कि वह ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाएगी। वहीं पुलिस प्रशासन पर भी अब अपने कर्तव्यों का पक्ष स्पष्ट करना आवश्यक हो गया है।

अंततः सरकार की यह पहल और स्मारक निर्माण का निर्णय करूर हादसे के पीड़ित परिवारों के लिए सांत्वना का कारण बन सकता है, साथ ही प्रशासनिक स्तर पर सुधार के लिए भी एक महत्वपूर्ण संकेत है।

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