मुंबई: हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों की हालत को लेकर Federation of Western India Cine Employees के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि कैमरे के पीछे काम करने वाले लोग लगातार शोषण का शिकार हो रहे हैं।
ANI से बातचीत में बीएन तिवारी ने बताया कि बॉलीवुड में छोटे कर्मचारियों को लंबे समय तक काम कराया जा रहा है, लेकिन उन्हें उचित भुगतान नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि कई कर्मचारी 20-20 घंटे तक काम करते हैं, लेकिन उनकी बेसिक सैलरी तक पूरी नहीं दी जाती।
तिवारी के मुताबिक, OTT प्लेटफॉर्म्स और कम समय में ज्यादा कंटेंट तैयार करने की होड़ ने इंडस्ट्री के वर्क कल्चर को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता से ज्यादा फोकस आउटपुट पर हो गया है, जिसका खामियाजा छोटे कर्मचारी भुगत रहे हैं।
उन्होंने बताया कि स्पॉट बॉय, लाइटमैन, आर्ट डायरेक्टर और जूनियर आर्टिस्ट जैसे लोग आर्थिक दबाव में कम पैसों में भी काम करने को मजबूर हैं। कई बार उन्हें समय पर भोजन और आराम तक नहीं मिल पाता।
FWICE अध्यक्ष ने कहा कि पेमेंट डिले इंडस्ट्री की सबसे बड़ी समस्या बन गई है। कई प्रोडक्शन हाउस महीनों तक भुगतान नहीं करते और कर्मचारी अपने हक के लिए भटकते रहते हैं।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इंडस्ट्री ने समय रहते इन समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया, तो भविष्य में बॉलीवुड को गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है।











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