Monday, October 26, 2026 1 live visitors
D/DNA News D/DNA Newsddnanews.com
सोमवार, 26 अक्टूबर 2026
विज्ञापन
DDNA header banner
DDNA header banner
वर्तमान परिस्थितियों में तीस्ता जल वितरण समझौते पर विचार करें: बंगladesh के विदेश मंत्री ने बीजेपी की बंगाल जीत के बाद कहा

वर्तमान परिस्थितियों में तीस्ता जल वितरण समझौते पर विचार करें: बंगladesh के विदेश मंत्री ने बीजेपी की बंगाल जीत के बाद कहा

D
D/DNA News Desk 27 जून 2026, 13:12 IST
1 मिनट पढ़ें
वर्तमान परिस्थितियों में तीस्ता जल वितरण समझौते पर विचार करें: बंगladesh के विदेश मंत्री ने बीजेपी की बंगाल जीत के बाद कहा

कोलकाता, पश्चिम बंगाल – बंगाल में बीजेपी की हालिया जीत के बाद भारत-बांग्लादेश के बीच तीस्ता नदी के जल वितरण को लेकर बातचीत में नई चुनौतियाँ सामने आई हैं। बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने यह स्वीकार किया है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को तीस्ता जल समझौते में एक बड़ी बाधा के रूप में देखा जा रहा है।

बांग्लादेश सरकार की मांग है कि तीस्ता नदी के जल वितरण में उसे अधिक हिस्सेदारी मिले। हालांकि, ममता बनर्जी की पार्टी ने इस मुद्दे पर हमेशा सावधानी बरती है, जिसके चलते दोनों देशों के बीच जल वितरण को लेकर वार्ता लंबे समय से अटकी हुई है।

विदेश मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि हाल ही में चीन की राजधानी बीजिंग में होने वाली अपनी यात्रा के दौरान तीस्ता जल विवाद पर चर्चा अवश्य होगी। उन्होंने कहा, “यह समझौता दोनों देशों के लिए महत्त्वपूर्ण है और इसे हर हाल में सुलझाना चाहिए। चीन के साथ बातचीत भी इस दिशा में सकारात्मक साबित हो सकती है।”

बांग्लादेश के लिए तूफानी मानसून और कृषि विकास के लिए तीस्ता नदी के पानी की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। इसलिए, धाका सरकार ने जल वितरण में हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए लगातार दबाव बनाया है। वहीं, भारत की पश्चिम बंगाल सरकार ने अपनी राज्यवार आवश्यकताओं को देखते हुए पानी के हिस्से पर आपत्तियां की हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों को इस मुद्दे पर आपसी समझ और सहयोग से काम लेना होगा, क्योंकि जल विवाद से द्विपक्षीय संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। राजनीतिक दृष्टिकोणों में भले ही मतभेद हों, लेकिन विकास और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए संयुक्त प्रयास आवश्यक हैं।

तीस्ता जल वितरण समझौता भारत और बांग्लादेश के बीच लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। दोनों देशों ने कई बार जल विवाद को सुलझाने का प्रयास किया है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं निकला है। आगामी बीजिंग यात्रा इस दिशा में एक अवसर साबित हो सकती है।

समय के साथ दोनों पक्षों को नई सोच के साथ बातचीत करनी होगी ताकि क्षेत्र में शांति और विकास को बढ़ावा मिले। जल संसाधनों के उचित प्रबंधन से न केवल दो देशों के किसान लाभान्वित होंगे, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता भी मजबूत होगी। बांग्लादेश का आग्रह है कि तीस्ता जल का वितरण वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार पुनर्गठित किया जाए, जिससे सभी पक्षों के हित साध्य हों।

Source

यह खबर शेयर करें

टिप्पणियाँ

इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।

संबंधित खबरें

--:--
ईरान युद्ध अपडेट: ट्रम्प ने ईरान हमलों को तेज करने पर कैबिनेट के साथ की बैठकJENPAS UG परिणाम 2026 घोषित, wbjeeb.nic.in पर उपलब्ध; Rank Card डाउनलोड करें, काउंसलिंग शेड्यूल जल्द घोषित होगाबर्मिंघम फीनिक्स ने एडगबास्टन में ट्रेंट रॉकेट्स को पछाड़ाजेम्स ज़ी ने अपने बेटे होने का दावा करने वाले व्यक्ति की गॉडमदर से $119,000 वापस लेने की कोशिश कीअमेरिका ने व्यापार भागीदारों पर नई टैरिफ लहर लागू कीऑस्मानिया विश्वविद्यालय ने मई 2026 के यूजी CBCS नियमित और बैकलॉग परीक्षाओं के परिणाम घोषित किए; यहां से डाउनलोड करेंसीए प्रमुख ग्रीनबर्ग भारत में इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट को लेकर ‘खुले’‘जन नायक’ ने बॉक्स ऑफिस पर किया जोरदार आगाज