विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश। इस वर्ष मार्च से मई के बीच विशाखापत्तनम जिले में बीयर की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सरकारी ताजा एक्साइज डाटा के अनुसार, बीयर की बिक्री मार्च 1 से मई 25 तक बढ़कर 6,43,158 केस हो गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 4,51,912 केस थी। इस प्रकार, इस गर्मी में बीयर की बिक्री में लगभग 42% की बढ़ोतरी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बढ़ोतरी के पीछे सबसे बड़ा कारण इस गर्मी का तेज तापमान है, जिससे लोगों की तृष्णा बढ़ी है और वे ठंडे पेय पदार्थों की ओर आकर्षित हुए हैं। इसके साथ ही निजी मदिरा दुकानों द्वारा ठंडा स्टॉक सही मात्रा में उपलब्ध कराने ने भी इस बिक्री वृद्धि में अहम भूमिका निभाई है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि गर्मी के मौसम में बाजार में ठंडे पेय पदार्थों की मांग स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है, खासकर बीयर जैसी चिलर ड्रिंक्स की। इस अवधि में दुकानदारों ने अपनी खरीददारी और स्टॉकिंग इस तरह से की कि ग्राहकों को आसानी से ठंडा सामान मिल सके। इससे ग्राहक अधिक संतुष्ट हुए और बिक्री में वृद्धि हुई।
स्थानीय व्यापार निकायों का भी कहना है कि सही मात्रा में स्टॉकिंग, किरायेदारों का पर्याप्त सहयोग और उच्च गुणवत्ता वाली बीयर की उपलब्धता इस वृद्धि के मुख्य कारण रहे हैं। कोविड-19 महामारी के बाद इस वर्ष मौसम के बदलाव के साथ ग्राहकों की खरीद क्षमता भी सुधरी है, जिससे बाजार में मांग बढ़ी है।
प्रशासनिक अधिकारी भी इस वृद्धि को लेकर संतुष्ट हैं और उन्होंने कहा कि मदिरा विक्रय नियंत्रण और नियमन के साथ ही उपभोक्ताओं की सुरक्षा और संतुष्टि पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि भविष्य में इस क्षेत्र में उचित व्यापार और संतुलित बिक्री बनी रह सके।
समय-समय पर समीक्षा बैठकों के दौरान यह भी कहा गया कि उच्च तापमान और सामाजिक मनोरंजन की बढ़ती मांग के बीच निजी दुकानों और सरकारी इकाइयों को बेहतर समन्वय के साथ काम करना चाहिए ताकि उपभोक्ताओं को उत्तम सेवा मिलती रहे।
इस प्रकार, विशाखापत्तनम जिले में इस गर्मी के मौसम में बीयर की बिक्री में 42% की इस बढ़ोतरी से स्पष्ट होता है कि मौसम और कारोबारी तैयारियों का मेल स्थानीय बाजार पर सकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। आगामी गर्मियों में भी इस प्रवृत्ति को बनाए रखने के लिए व्यापारी और प्रशासन एक साथ काम कर रहे हैं।











टिप्पणियाँ
इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।