मेरठ: आग की घटना के बाद अच्छरोंडा गांव के लोगों ने केवल वायु प्रदूषण ही नहीं बल्कि भूजल प्रदूषण को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला दूषित पानी जमीन में छोड़ा जा रहा है, जिससे भूजल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में वृद्धि देखने को मिली है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ग्रामीणों ने मामले की जांच कराने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि यदि औद्योगिक इकाइयों द्वारा पर्यावरणीय नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है तो इसका असर आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से जल और मिट्टी की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का मानना है कि पर्यावरणीय सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना औद्योगिक विकास टिकाऊ नहीं हो सकता।











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