Monday, October 26, 2026 1 live visitors
D/DNA News D/DNA Newsddnanews.com
सोमवार, 26 अक्टूबर 2026
विज्ञापन
DDNA header banner
DDNA header banner
राजनीतिक लोगों को मीडिया कार्ड, बिजली के पोल बने प्रचार माध्यम; पत्रकारों का खुला बहिष्कार

राजनीतिक लोगों को मीडिया कार्ड, बिजली के पोल बने प्रचार माध्यम; पत्रकारों का खुला बहिष्कार

D
D/DNA News Desk 2 फ़रवरी 2026, 10:32 IST
2 मिनट पढ़ें
राजनीतिक लोगों को मीडिया कार्ड, बिजली के पोल बने प्रचार माध्यम; पत्रकारों का खुला बहिष्कार

फरीदाबाद (धर्मराज/तरुण अरोड़ा):सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला-2026 अब अपनी सांस्कृतिक पहचान से अधिक सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की विवादित कार्यप्रणाली के कारण चर्चा में है। जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी (डीआईपीआरओ) की भूमिका को लेकर उठे सवाल अब सीधे प्रशासनिक निष्पक्षता और मीडिया की स्वतंत्रता पर आ टिके हैं। मेला कवरेज के नाम पर की गई कथित मनमानी ने पत्रकारिता जगत में गहरा रोष पैदा कर दिया है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों को मीडिया पहचान देने का आरोप
मामले में आरोप है कि मेला कवरेज के लिए जारी किए गए मीडिया कार्डों में नियमों की अनदेखी की गई और राजनीतिक दलों से जुड़े व्यक्तियों को मीडिया प्रतिनिधि दर्शाते हुए कार्ड जारी किए गए। इससे न केवल वास्तविक पत्रकारों के अधिकार प्रभावित हुए, बल्कि पूरे प्रेस कार्ड सिस्टम की साख भी सवालों के घेरे में आ गई।
डीसी कार्यालय में सूचना का अधिकार आवेदन
इन आरोपों को लेकर माननीय जिला उपायुक्त के कार्यालय में सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन दाखिल किया गया है, जिसमें मीडिया कार्ड जारी करने से जुड़े अभिलेख, पात्रता मानक, सत्यापन प्रक्रिया और कार्ड धारकों की सूची जैसी जानकारियां मांगी गई हैं। माना जा रहा है कि इन सूचनाओं के सामने आने के बाद मामला और गंभीर रूप ले सकता है।
बिजली के पोलों पर फ्लेक्स: नियमों की अनदेखी का आरोप
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा शहर भर में बिजली के पोलों पर प्रचारात्मक फ्लेक्स लगाए जाने का मामला भी तूल पकड़ चुका है। आरोप है कि यह कार्य बिना आवश्यक अनुमति और नियमों की अनदेखी कर किया गया, जिससे सार्वजनिक संपत्ति के दुरुपयोग और सुरक्षा जोखिम का सवाल खड़ा हो गया है।
पत्रकारों का खुला ऐलान: अब दूरी
विवाद से क्षुब्ध कई पत्रकारों ने सूरजकुंड मेले की कवरेज से खुली दूरी बना ली है। पत्रकारों का स्पष्ट कहना है कि जब तक जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं करते, तब तक उनके द्वारा भेजी गई किसी भी सूचना या समाचार सामग्री का प्रकाशन नहीं किया जाएगा। इसे प्रशासनिक कार्यशैली के खिलाफ मीडिया का अभूतपूर्व विरोध माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय आयोजन, लेकिन अव्यवस्थित सूचना तंत्र
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन में यदि सूचना एवं जनसंपर्क तंत्र ही विवादों में घिर जाए, तो यह प्रशासनिक विफलता का संकेत है। सूरजकुंड मेला अब कला से अधिक जवाबदेही की मांग का मंच बनता जा रहा है।

यह खबर शेयर करें

टिप्पणियाँ

इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।

संबंधित खबरें

--:--
ईरान युद्ध अपडेट: ट्रम्प ने ईरान हमलों को तेज करने पर कैबिनेट के साथ की बैठकJENPAS UG परिणाम 2026 घोषित, wbjeeb.nic.in पर उपलब्ध; Rank Card डाउनलोड करें, काउंसलिंग शेड्यूल जल्द घोषित होगाबर्मिंघम फीनिक्स ने एडगबास्टन में ट्रेंट रॉकेट्स को पछाड़ाजेम्स ज़ी ने अपने बेटे होने का दावा करने वाले व्यक्ति की गॉडमदर से $119,000 वापस लेने की कोशिश कीअमेरिका ने व्यापार भागीदारों पर नई टैरिफ लहर लागू कीऑस्मानिया विश्वविद्यालय ने मई 2026 के यूजी CBCS नियमित और बैकलॉग परीक्षाओं के परिणाम घोषित किए; यहां से डाउनलोड करेंसीए प्रमुख ग्रीनबर्ग भारत में इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट को लेकर ‘खुले’‘जन नायक’ ने बॉक्स ऑफिस पर किया जोरदार आगाज