सहारनपुर: मोहतशिम की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों को कुछ ऐसे डिजिटल सुराग मिले हैं, जिनकी बारीकी से पड़ताल की जा रही है। जांच का एक प्रमुख पहलू यह है कि संदिग्ध संपर्कों के दौरान विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म का किस प्रकार उपयोग किया जा रहा था।
अधिकारियों के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से प्राप्त डेटा और चैट रिकॉर्ड की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। जांचकर्ता यह समझने का प्रयास कर रहे हैं कि बातचीत का स्वरूप क्या था और किन उद्देश्यों के लिए विभिन्न माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि एन्क्रिप्टेड या गोपनीय संचार माध्यमों का दुरुपयोग होने पर जांच प्रक्रिया जटिल हो जाती है। हालांकि आधुनिक डिजिटल फॉरेंसिक तकनीकों की मदद से कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जा सकती हैं।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि तकनीक का गलत इस्तेमाल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। इसी कारण साइबर निगरानी और तकनीकी जांच को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले की हर जानकारी का सत्यापन किया जा रहा है और जांच पूरी होने के बाद ही विस्तृत निष्कर्ष सामने आएंगे।











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